Madhya Pradesh: बालाघाट में बैगा परिवारों से मिलेंगे राहुल गांधी, बच्चों की मौत के मुद्दे पर सियासत तेज

कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का दौरा करेंगे। वह बिरसा ब्लॉक के जगला गांव पहुंचकर बीमारी के कारण जान गंवाने वाले बैगा आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। उनके दौरे को लेकर इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।;

Update: 2026-10-01 08:58 GMT

बालाघाट: कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का दौरा करेंगे। वह बिरसा ब्लॉक के जगला गांव पहुंचकर बीमारी के कारण जान गंवाने वाले बैगा आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। उनके दौरे को लेकर इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर करीब 1,500 लोगों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों की बीमारी से मौत का मुद्दा राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी सुविधाओं को लेकर बहस का विषय बना हुआ है।

पांच बच्चों के परिवारों से करेंगे मुलाकात

प्रशासन के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, इलाके में बीमारी के चलते 32 बच्चों की मौत दर्ज की गई है। हालांकि, कांग्रेस का दावा है कि कुछ बच्चों की मौत सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई है। राहुल गांधी ऐसे ही पांच बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे, जिनकी मौत का रिकॉर्ड प्रशासनिक आंकड़ों में शामिल नहीं होने की बात कही जा रही है। राहुल के दौरे के दौरान प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी स्थिति और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को समझने की कोशिश की जाएगी।

जीतू पटवारी ने सरकार से मांगा श्वेत पत्र

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए मोहन यादव सरकार पर निशाना साधा है। पटवारी ने आदिवासी जिलों में सरकारी बजट के इस्तेमाल को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने ‘बजट बनाम भ्रष्टाचार’ का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। पटवारी ने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में भ्रष्टाचार का स्तर 90 प्रतिशत तक है और करोड़ों रुपये का सरकारी बजट जरूरतमंदों तक पहुंचने से पहले ही व्यवस्था में खत्म हो जाता है। यह कांग्रेस नेता का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी कांग्रेस का हमला

पटवारी ने राज्य के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 25 वर्षों में स्वास्थ्य व्यवस्था अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है। कांग्रेस का कहना है कि आदिवासी बहुल और दूरदराज के इलाकों में डॉक्टरों की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। पार्टी के मुताबिक, कई गांवों में लोगों को बुनियादी चिकित्सा सुविधा के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। बच्चों की मौत के मामले को लेकर कांग्रेस इसी स्वास्थ्य ढांचे की स्थिति पर सरकार से जवाब मांग रही है।

बीजेपी ने दौरे को बताया राजनीतिक

राहुल गांधी के बालाघाट दौरे को लेकर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी ने कांग्रेस नेता के दौरे को राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया है। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि आदिवासी आबादी मध्य प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका रखती है। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक राज्य की कुल आबादी में अनुसूचित जनजाति की हिस्सेदारी 21.1 प्रतिशत थी।

84 विधानसभा सीटों पर आदिवासी वोट का असर

मध्य प्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा करीब 37 अन्य सीटों पर भी आदिवासी मतदाताओं का प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है। इस तरह लगभग 84 विधानसभा सीटों पर आदिवासी वोट चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। लोकसभा चुनाव के लिहाज से भी यह वर्ग महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में 6 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।

Tags:    

Similar News