भोपाल में ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री में खुला एक और पन्ना, प्रेग्नेंसी, चोटों और कोर्ट दावों से बढ़ा रहस्य

ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं और उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के एडवोकेट समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं और वर्तमान में उपभोक्ता फोरम से जुड़ी हैं, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है।;

Update: 2026-05-18 09:49 GMT

भोपाल/ नोएडा। Twisha Sharma Death Mystery: मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब सिर्फ आत्महत्या या दहेज प्रताड़ना तक सीमित नहीं रह गया है। हर नए दिन के साथ इस केस में ऐसे खुलासे सामने आ रहे हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और जटिल बना दिया है। एक तरफ मायके पक्ष इसे सुनियोजित हत्या और मानसिक प्रताड़ना का मामला बता रहा है, वहीं दूसरी ओर ससुराल पक्ष के कोर्ट में दिए गए दावों ने जांच की दिशा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

शादी, रिश्ते और शुरुआती विवाद

ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं और उनकी शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के एडवोकेट समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं और वर्तमान में उपभोक्ता फोरम से जुड़ी हैं, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है। परिवार के अनुसार, ट्विशा और समर्थ की मुलाकात एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट और डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा। मायके पक्ष का आरोप है कि ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा और उस पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा।

12 मई की रात: घर में मिला शव

12 मई की रात ट्विशा अपने भोपाल स्थित ससुराल, कटारा हिल्स में फांसी पर लटकी मिलीं। घटना के बाद यह मामला अचानक सुर्खियों में आ गया। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार ने इसे हत्या और दहेज उत्पीड़न का मामला बताते हुए गंभीर आरोप लगाए।

आखिरी संदेश और कॉल्स ने बढ़ाया शक

इस केस में सबसे अहम मोड़ ट्विशा के मौत से पहले के डिजिटल सबूतों से आया। इंस्टाग्राम चैट में उन्होंने अपनी दोस्त को लिखा था कि “मैं फंस गई हूं… ज्यादा बात नहीं कर सकती।” इसके बाद उन्होंने कॉल करने का वादा किया, जो कभी नहीं हुआ। परिवार का दावा है कि मौत से कुछ ही मिनट पहले ट्विशा ने अपनी मां और भाई से फोन पर बात की थी। वह बेहद परेशान थीं और उन्होंने कहा था कि अब और सहन नहीं हो रहा। इसी दौरान यह भी सामने आया कि वह भोपाल छोड़कर नोएडा लौटने की तैयारी कर चुकी थीं और टिकट भी बुक कर लिया गया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बड़ा खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस केस को और पेचीदा बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थीं। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि उनकी मृत्यु से लगभग एक सप्ताह पहले मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) कराया गया था। शरीर पर कई एंटीमॉर्टम इंजरी पाई गई हैं, यानी मौत से पहले चोटें लगी थीं। हाथ, कान और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटों के निशान मिलने के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई है।

मायके पक्ष के गंभीर आरोप

ट्विशा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के बाद ट्विशा पर लगभग 20 लाख रुपये के शेयर और निवेश अपने पति के नाम करने का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार के अनुसार, गर्भवती होने के बाद भी ट्विशा के चरित्र पर सवाल उठाए गए और यहां तक कहा गया कि बच्चा उनका नहीं है। आरोप यह भी है कि MTP प्रक्रिया उनकी इच्छा के खिलाफ कराई गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें न्याय पाने के लिए थानों, महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग के चक्कर काटने पड़े, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ससुराल पक्ष का जवाब और कोर्ट में दावे

इस मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब सास गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई और उन्होंने कोर्ट में कई दावे किए। ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थीं और उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी काउंसलिंग का भी दावा किया है। कोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्विशा को नियमित रूप से 5 हजार से 50 हजार रुपये तक आर्थिक सहायता दी जाती थी और इसके बैंक रिकॉर्ड भी पेश किए गए। साथ ही यह दावा किया गया कि वह एक बार 12 घंटे तक लापता रही थीं और यह स्पष्ट नहीं हुआ कि वह कहां थीं।

पेशेवर जीवन और व्यक्तित्व

ट्विशा का करियर भी काफी सक्रिय रहा था। उन्होंने तेलुगु फिल्मों और मॉडलिंग में काम किया था। इसके बाद उन्होंने एमबीए किया और दिल्ली की एक बड़ी कंपनी में नौकरी भी की। परिवार के अनुसार, वह एक स्वतंत्र और महत्वाकांक्षी महिला थीं।

जांच और राजनीतिक दबाव की मांग

मायके पक्ष ने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रभावशाली परिवार से जुड़े होने के कारण जांच धीमी चल रही है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिवार ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच, सीबीआई जांच और AIIMS दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन

रविवार को ट्विशा के परिजनों ने भोपाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। पिता ने यहां तक चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे आत्मदाह करेंगे। फिलहाल मामला जांच के अधीन है, लेकिन लगातार सामने आ रहे नए तथ्य और दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावे इस केस को और जटिल बनाते जा रहे हैं।

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