मध्य प्रदेश में शुरू होगा 6 महीने का जन विश्वास अभियान, जनता के बीच जाएंगे मंत्री-अधिकारी
भोपाल, 7 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार आज से 6 महीने का जन विश्वास अभियान शुरू कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को छिंदवाड़ा में दोपहर करीब 12.30 बजे इस अभियान का शुभारंभ करेंगे।;
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार आज से 6 महीने का जन विश्वास अभियान शुरू कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को छिंदवाड़ा में दोपहर करीब 12.30 बजे इस अभियान का शुभारंभ करेंगे।
इस अभियान के तहत अब हर शुक्रवार को मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के अफसर फील्ड में उतरेंगे। उनका काम लोगों से सीधे मिलना, उनकी समस्याएं सुनना और सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लेना होगा।
भाजपा सरकार के कार्यकाल को ढाई साल पूरे हो चुके हैं और 5 साल के कार्यकाल का दूसरा आधा हिस्सा शुरू हो गया है। ऐसे में विपक्षी राज्य सरकार पर शासन और जन मुद्दों को लेकर हमलावर है। इसी बीच सरकार ने आम लोगों से सीधा संवाद बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है।
सरकार के मुताबिक, जन विश्वास अभियान का मकसद प्रशासन और जनता के बीच सीधा संपर्क बनाना है। शिकायतों का समय पर निपटारा करना, योजनाओं के क्रियान्वयन पर फीडबैक लेना और प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाना है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "जन विश्वास अभियान का उद्देश्य फील्ड में जाकर लोगों से सीधा संवाद करना, शिकायतों और समस्याओं का 100 फीसदी निपटारा सुनिश्चित करना, जमीनी हकीकत पर फीडबैक लेना, प्रशासनिक निगरानी तंत्र को मजबूत करना और प्रशासन की पारदर्शी व संवेदनशील छवि बनाना है।"
अभियान के दौरान हर शुक्रवार पूरे प्रदेश में फील्ड विजिट होगी। जरूरी कामों को छोड़कर इस दिन कोई आधिकारिक बैठक नहीं होगी। राज्य सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालय तक के वरिष्ठ अधिकारी गांवों और शहरों में जाकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे और सरकारी कार्यक्रमों का निरीक्षण करेंगे।
कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर हफ्ते कवर किए जाने वाले क्षेत्र तय करें और विजिट से पहले सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी अधिनियम से जुड़ी लंबित शिकायतों की समीक्षा करें।
सरकार ने कहा है कि कोशिश होगी कि फील्ड विजिट से पहले लंबित मामलों का निपटारा हो जाए। अभियान के दौरान मिली शिकायतों और आवेदनों का निपटारा मौके पर ही किया जाएगा।
इसके साथ ही 'जन संवाद' और 'उद्योग संवाद' कार्यक्रम भी होंगे। इनमें आम नागरिकों और एमएसएमई तथा कुटीर उद्योग से जुड़े उद्यमियों से बातचीत की जाएगी।
अधिकारी स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, उचित मूल्य की दुकानें और सार्वजनिक निर्माण का निरीक्षण भी करेंगे। साथ ही किसान आईडी बनना, आयुष्मान भारत कार्ड, समग्र आईडी ई-केवाईसी और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा होगी।