केंद्र सरकार की योजना से बदली अभिषेक की जिंदगी, रोजगार के साथ लिख रहे 'विकसित भारत' की इबारत

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के साधारण से गांव पतोंडा में रहने वाले अभिषेक जायसवाल केंद्र सरकार की पीएमएफएमई योजना की बदौलत आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गए हैं;

Update: 2026-05-27 21:12 GMT

बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के साधारण से गांव पतोंडा में रहने वाले अभिषेक जायसवाल केंद्र सरकार की पीएमएफएमई योजना की बदौलत आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गए हैं। नौकरी छोड़कर छोटे से गांव से शुरू किया गया उनका स्टार्टअप न सिर्फ खुद को सफल बना चुका है, बल्कि स्थानीय महिलाओं को रोजगार देकर आर्थिक बदलाव भी ला रहा है।

पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिषेक नौकरी करने लगे, लेकिन उनका मन कुछ अपना करने का था। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) की जानकारी मिली।

योजना के तहत उन्होंने आवेदन किया और उन्हें 19 लाख 94 हजार रुपए का लोन मंजूर हुआ। इस सहायता से उन्होंने अपना डिहाइड्रेटेड यूनिट शुरू किया, जहां सब्जियों को डिहाइड्रेट करके पाउडर के रूप में तैयार किया जाता है।

आईएएनएस से बातचीत में अभिषेक जायसवाल ने बताया कि यह हमारा डिहाइड्रेट यूनिट है। इसके अंदर सब्जियों को डिहाइड्रेट कर पाउडर रूप में तैयार करते हैं। कृषि मेरा क्षेत्र है, इसलिए लोकल प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने का विचार किया। केंद्र सरकार की योजना के तहत मुझे 20 लाख रुपए का लोन मिला, जिसमें सब्सिडी भी शामिल है। पीएम मोदी का आभार, जो युवाओं को सपोर्ट कर रहे हैं।

आज अभिषेक का यह स्टार्टअप सफलता की राह पर है। यूनिट में स्थानीय महिलाएं काम कर रही हैं, जिससे न सिर्फ परिवारों की आय बढ़ रही है बल्कि गांव में महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

अभिषेक के सहयोगी अजय महाजन ने कहा कि हमें पीएमएफएमई योजना का लाभ मिला और हमने यूनिट शुरू की। इस योजना से काफी फायदा हुआ है। वर्तमान में छह लोगों को रोजगार मिल रहा है। हम और अभिषेक दोनों मिलकर यूनिट चलाते हैं।

स्थानीय व्यापारी संदीप रावल ने अभिषेक की सराहना करते हुए कहा कि मैं उन्हें धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने प्रेरणा देकर युवाओं को रोजगार देने और बेरोजगारी दूर करने की पहल की है। पीएम मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव युवाओं को रोजगार देने का बेहतरीन काम कर रहे हैं।

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