हमारी जीवनशैली नदियों, जंगलों, वायु और भूमि की चिंताजनक स्थिति के लिए जिम्मेदार: डॉ. हर्षवर्धन

नदियों, जंगलों, वायु और भूमि की आज जो स्थिति है, वह हमारे लिए चिंता का विषय बनी हुई है  और इसका कारण हमारी जीवन शैली है

Update: 2017-07-07 01:01 GMT

नई दिल्ली। 'नदियों, जंगलों, वायु और भूमि की आज जो स्थिति है, वह हमारे लिए चिंता का विषय बनी हुई है  और इसका कारण हमारी जीवन शैली है।’

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने यह विचार रखते हुए कहा कि आज से राजधानी में वन महोत्सव का शुभारंभ किया। दिल्ली के पश्चिम विहार डिस्ट्रिक्ट पार्क में पौधारोपण अभियान शुरू करते हुए उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे ईश्वर का दूसरा रूप होते हैं, वे हमें निस्वार्थ भाव से प्राणदायक वायु और ऑक्सीजन बिना किसी मूल्य के देते हैं।

डा. हर्षवर्धन ने कहा कि हमारे जीवन की रक्षा के लिए मनुष्य के लिए विष, कार्बन डाईआक्सइड को ग्रहण करते हैं।

उन्होंने कहा कि आज समूची दुनिया में जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के विषय पर बहुत चर्चा की जाती है, इस समस्या से निपटने के लिए पूरे विश्व में कई स्तरों पर संयुक्त प्रयास चल रहे हैं और सारा विश्व ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से जो लड़ाई लड़ रहा है, उसका नेतृत्व करने वाले प्रमुख वैश्विक नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हैं। श्री मोदी की पहल पर इंटरनेशनल सोलर अलायन्स की स्थापना हुई और फ्रांस के साथ मिलकर गुरुग्राम में इंटरनेशनल सोलर अलायन्स का कार्यालय बनाया गया और उसके लिए फंड भी मुहैया कराया गया।

पर्यावरण संरक्षण को संस्कृति से जुड़ा बताते हुए उन्होंने कहा कि हमने किसी कारणवश अपनी इस सांस्कृतिक विरासत को भुला दिया है। यदि हम अपनी इस संरक्षण की विरासत के साथ चलते तो आज दुनिया के लिए पर्यावरण संरक्षक के रूप में एक बड़ा उदहारण प्रस्तुत करते।

डा. हर्षवर्धन ने कहा कि आज के दिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्मदिन है और उनका जीवन त्याग और बलिदान से परिपूर्ण था, उन्होंने अपना बलिदान देकर देश की राजनीति को एक नई दिशा दी।

हर्षवर्धन ने इस अवसर पर पूर्व पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दावे को भी उनके पर्यावरण के लिए योगदान के लिए याद किया और कहा कि दवे जी का आज जन्मदिन है और वे कहते थे कि मुझे याद करता होतो पौधारोपण करें।

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