जीवन बहुमूल्य है उससे भी मूल्यवान औषधि जो जीवन को बचाती है : रेड्डी

 लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एण्ड टेक्नॉलॉजी के फार्मेसी विभाग  और फार्मास्युटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया (एपीटीआई) ने दो  दिवसीय 22 वें वार्षिक राष्ट्रीय कांफ्रेंस  का आयोजन किया  जिसका विषय  शिक्षा के लि

Update: 2018-03-25 15:24 GMT

ग्रेटर नोएडा। लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एण्ड टेक्नॉलॉजी के फार्मेसी विभाग  और फार्मास्युटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया (एपीटीआई) ने दो  दिवसीय 22 वें वार्षिक राष्ट्रीय कांफ्रेंस  का आयोजन किया  जिसका विषय  शिक्षा के लिए प्रासंगिक फार्मेसी प्रथाओं की वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए चुनौतियां था। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ईश्वर एस. रेड्डी (ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में फार्मेसी के मानक उच्च कोटि के हैं परन्तु समस्या यह है की उनका क्रियान्वयन ठीक प्रकार से नहीं होता है। हमें ऐसे शिक्षकों की जरूरत है जो केवल पढ़ाएं ही नहीं बल्कि बच्चों को नैतिकता एवं मूल्यों की शिक्षा भी दे। आज तकनीकी का युग है पर तकनीकी के साथ नैतिकता एवं अच्छे चरित्र की शिक्षा भी आवश्यक है।

जीवन बहुमूल्य है और उससे भी मूल्यवान है औषधि क्योंकि वही जीवन को बचाती  है .बेहतर और सस्ती औषधि के निर्माण के लिए छात्र, शिक्षक, एवं जनता व सरकार, सभी को आगे आकर प्रयासरत रहना चाहिए। औषधि के क्षेत्र में भारत बेहतर कर रहा है और आगे भी बेहतर संभावनाएं हैं। अन्य अतिथि में अतुल नासा, डिप्टी ड्रग्स कंट्रोलर, दिल्ली, डॉ प्रवीण चौधरी, अध्यक्ष एपीटीआई, डॉ. अमन दांग सचिव, एपीटीआई,प्रो. आर. के. गोयल, वी.सी, दिल्ली स्कूल ऑफ़ फार्मेसी थे। कांफें्रस में  पूरे भारत से  32 से अधिक कॉलेजों के 250 प्रतिनिधियों ने  सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिसमें फार्मेसी बिरादरी के शिक्षक और शोधार्थी  भी शामिल थे। 

अतुल नासा ने कहा कि आज देश को अच्छे शिक्षकों की आवश्यकता है जो उत्साही और ऊर्जावान हो। लॉयड ग्रुप के चेयरमैन मनोहर थेरानी ने कहा कि फार्मा का क्षेत्र  बहुत व्यापक है, भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में फार्मा क्षेत्र में संभावनाएं हैं। भारत फार्मा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। शिक्षा की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है,किसी भी देश की बुनियाद शिक्षा पर ही आधारित है।

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