कम शिक्षित व कम आय पाने वाले लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति हुए अधिक जागरूक

कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी बंद से पहले निम्न शिक्षा या आय वाले लगभग 20 प्रतिशत लोग ही अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक थे

Update: 2020-05-16 23:38 GMT

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी बंद से पहले निम्न शिक्षा या आय वाले लगभग 20 प्रतिशत लोग ही अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक थे, वहीं बंद के बाद इनमें से 65 प्रतिशत लोगों ने अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना शुरू कर दिया है। यह बात आईएएनएस-सीवोटर के सर्वेक्षण में सामने आई है।

राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण ने संकेत दिया कि कम शिक्षा वाले 65.4 प्रतिशत लोगों ने बंद के बाद से अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना शुरू कर दिया है और कम आय वाले 64 प्रतिशत लोग ऐसा कर रहे हैं।

लिंग के संदर्भ में बात करें तो पुरुष और महिला दोनों की लगभग समान प्रतिक्रिया देखने को मिली है। पुरुष व महिला दोनों ही 20 प्रतिशत रहे, जो कोरोनावायरस फैलने से पहले अपने स्वास्थ्य का ख्याल रख रहे थे। वहीं बंद लागू होने के बाद 68 प्रतिशत पुरुष और 62 प्रतिशत महिलाओं ने अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना शुरू कर दिया है।

आयु के अनुसार देखा जाए तो 60 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 43 प्रतिशत लोग अपने स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे थे। संक्रमण फैलने के बाद इनकी संख्या 49 प्रतिशत हो गई है।

राष्ट्रव्यापी बंद के बाद 25 साल से कम उम्र के 72 प्रतिशत; 25 से 45 वर्ष के बीच के 66 प्रतिशत और 45 से 60 वर्ष के बीच के 67 प्रतिशत लोगों ने अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना शुरू कर दिया है।

इसी तरह निम्न, मध्यम और उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले लगभग 65 प्रतिशत लोगों ने अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना शुरू कर दिया है, जिनका आंकड़ा पहले लगभग 20 प्रतिशत ही था।

इस मामले में निम्न और मध्यम आय वाले लोगों में एक बड़ा उछाल देखने को मिला है। बंद से पहले जहां 20 प्रतिशत लोग ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक थे, वहीं अब इनमें से लगभग 70 प्रतिशत तक अपनी देखभाल में लगे हैं।

वहीं दूसरी ओर उच्च आय वर्ग के 32 प्रतिशत लोग बंद से पहले अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख रहे थे और अब 56 प्रतिशत लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो गए हैं।

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