सभी भूमिहीनों का बनेगा जॉब कार्ड
बिलासपुर ! भूमिहीन लोगों का मनरेगा के तहत कार्य करने के लिए जॉब कार्ड बनाया जाएगा, इसके लिए जनपदवार सर्वे शुरू कर दिया गया है;
जनपदवार प्रशिक्षण शुरू, परिवार के एक सदस्य को दिया जाएगा कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण
बिलासपुर ! भूमिहीन लोगों का मनरेगा के तहत कार्य करने के लिए जॉब कार्ड बनाया जाएगा, इसके लिए जनपदवार सर्वे शुरू कर दिया गया है और उन लोगों को चिन्हांकित किया जा रहा है जो भूमिहीन हैं। साथ ही भूमिहीन परिवारों में से किसी भी एक सदस्य का कौशल उन्नयन किया जा जाएगा। हालांकि ऐसे परिवार ही इसके लिए पात्र होंगे जो 100 मानव दिवस कार्य कर चुके होंगे। अभी भी कई ग्राम पंचायतों में सैकड़ों भूमिहीन मजदूरों का मनरेगा के लिए जॉब कार्ड नहीं बन पाया है।
गौरतलब है कि मनरेगा के तहत शासन द्वारा 150-200 दिवस रोजगार मजदूरों को दिया जाता है। फिलहाल, जिले में 2 लाख 80 हजार मनरेगा मजदूर हैं। जिसमें से 1 लाख 30 हजार मजदूर काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब शासन द्वारा गांवों में सर्वे किया जा रहा है और उन मजदूरों का जॉब कार्ड बनवाया जा रहा है जो भूमिहीन हैं। आज भी जिले के कई ग्राम पंचायत ऐेसे भी हैं जहां मजदूरों के पास रहने खाने का ठिकाना नहीं है। ऐसे भूमिहीन मजदूरों को तलाश कर अलग से इनका जॉब कार्ड बनवाया जा रहा है। इस तरह इन भूमिहीन मजदूरों के परिवारों को जो 100 दिन कार्य करने के बाद अलग से कौशल उन्नयन किया जाएगा चाहे वह पशुपालन से संबंधित हो या कोई स्वरोजगार
नालाबंधान की स्वीकृति तत्काल
जिले में मनरेगा के तहत् अभी विशेष रुप से नालाबंधान के कार्यों को प्रमुखता से स्वीकृत किया जा रहा है। इसके लिए पंचायतों को निर्देश भी जारी किए गए हैं। बताया जाता है कि जलसवर्धन व संरक्षण के उद्देश्य की पूर्ति के लिए नालाबंधान को प्रमुखता से किया जा रहा है। इसमें भू-जल स्तर में वृद्धि व मवेशियों की निस्तारी में कोई समस्या नहीं आएगी साथ ही यदि जल का भराव अधिक होगा तो इससे सिंचाई भी किसान कर सकेंगे।
मजदूरी भुगतान रुका
जिले के सभी विकासखण्डों में मनरेगा मजदूरों का लगभग 5 करोड़ रूपए मजदूरी भुगतान अभी भी बाकी है। मजदूरी समय पर नहीं मिलने के कारण मनरेगा के कार्यों में मजदूरों की रुचि नहीं रहती। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि भुगतान जल्दी ही कर दिया जाएगा। वहीं जिले से सैकड़ों मजदूरों का पलायन हो चुका है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि मजदूरी समय पर नहीं मिलने के कारण मनरेगा के कार्यों में मजदूरों की रुचि नहीं रह गई है।
सर्वे अंतिम चरण में
शासन के आदेशानुसार उन भूमिहीन लोगों के जॉब कार्ड बनाए जा रहे हैं जो पहले के सर्वे में छूट गए हैं और मनरेगा के कार्यों के लिए इच्छुक है सर्वे कार्य लगभग अंतिम चरण में है।
आर.एस.नायक
सीईओ, जनपद पंचायत, बिल्हा
निर्देश जारी
सभी सरपंच, सचिव व जनपद पंचायत को निर्देश जारी की गई है कि तत्काल सर्वे कर भूमिहीन लोगों का जॉब कार्ड तैयार करें, रोजगार सहायक के माध्यम से इस नए जॉब कार्ड के संबंध में मजदूरों को अवगत कराया जाएगा।
प्रमिल लठारे
समन्वयक, शिकायत निवारण,मनरेगा
प्रशिक्षण दिया जाएगा
वास्तविक रुप में काम की आवश्यकता ज्यादातर भूमिहीन मजदूरों को ही होती है इसलिए सभी पंचायतों में सर्वे कर इन मजदूरों को चिन्हांकित कर नए जॉब कार्ड बनाने का निर्देश जनपद पंचायतों को दी गई है। इसमें परिवार के एक सदस्य को किसी भी एक कार्य के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जे.पी.मौर्य
सीईओ, जिला पंचायत