केजरीवाल सीएम पद की गरिमा भूले

दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा विपक्ष को निशाना बना कर अपशब्द कहने के बाद आज भाजपा विधायकों ने विधानसभा के अंदर तीखी नोक-झोंक हुई

Update: 2017-10-07 13:25 GMT

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा विपक्ष को निशाना बना कर अपशब्द कहने के बाद आज भाजपा विधायकों ने विधानसभा के अंदर तीखी नोक-झोंक के बाद विपक्ष के विधायकों की मर्दानगी को ललकारे जाने की शिकायत शुक्रवार सुबह उपराज्यपाल अनिल बैजल के घर जाकर की। विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सीएम पद की गरिमा भूल गए हैं, बल्कि अब वो विधानसभा में भी किसी टपोरी की तरह बात करने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गली-गलौज पर उतर आए थे और विपक्ष के विधायकों पर टिप्पणी करते हुए कहा था किमर्द के बच्चे हो तो सामने आओ।  खुद को दिल्ली का मालिक बताकर उन्होंने लोकतंत्र और दिल्ली की जनता दोनों का ही अपमान किया है। उन्होंने उपराज्यपाल से मुख्यमंत्री कें खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा है कि मुख्यमंत्री विपक्ष के विधायकों पर व्यक्तिगत हमले करते हैं, जो स्वीकर नहीं किया जा सकता। भाजपा विधायक ओपी शर्मा ने तो सीधे केजरीवाल पर ही निशाना साधा और कहा कि उनके अंदर जहर भरा हुआ है, जो अपशब्दों के जरिए बाहर निकलता है।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल को वो उनकी भाषा में ही जवाब देना जानते हैं और यदि वह विपक्ष की मर्दानगी को ललकार रहे हैं, तो केजरीवाल समय और जगह तय कर लें उनको मर्दानगी का सबूत भी मिल जाएगा।  भाजपा विधायकों ने कहा कि केजरीवाल में वह गरूर पूरी तरह हावी हो गया है, जिससे बचने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए बचने की प्रार्थना की थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं, लेकिन खुद को दिल्ली का मालिक कहते हैं, सदन में निरंकुश तानाशाह की तरह बर्ताव करते हैं।

उपराज्यपाल को भाजपा विधायकों ने अनुस्मरण पत्र देते हुए कहा कि विपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री के अनैतिक और घटिया व्यवहार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो वह दिन दूर नहीं, जब दिल्ली सरकार में पूरी तरह से दुशासन और दुर्व्यवहार का राज स्थापित हो जाएगा।

विपक्ष के नेता ने कहा कि सदन की बैठक में मुख्यमंत्री के अमर्यादित व्यवहार, असंसदीय भाषा और विपक्ष की प्रताड़ना के विरोध में उन्हें मजबूरीवश सदन से वाकआउट करना पड़ा। 

पेयजल के लिए केजरीवाल से गुहार

दक्षिणी दिल्ली के देवली विधानसभा क्षेत्र में आने वाले संगम विहार इलाके में पीने के पानी की गम्भीर समस्या को लेकर दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर सोनिया विहार संयंत्र से पीने के पानी के लिए गुहार लगाई है। 

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि ''यदि आपके पास पैसा नहीं है तो, आप संगम विहार निवासियों से फण्ड ले लें। लेकिन सोनिया विहार संयंत्र से पीने का शुद्ध पानी अवश्य उपलब्ध कराएं। अधिकार सोसाईटी द्वारा भेजे पत्र का उल्लेख करते हुए बृजपाल बताते हैं कि संगम विहार देश की सबसे बड़ी अनधिकृत बस्ती है। लेकिन यहां पर पीने का पानी बिल्कुल नहीं हैं।

 लोग यहॉ पर प्राइवेट व सरकारी ट्यूबवैलों पर पूर्णत: निर्भर हैं। यहॉ के निवासी अपने घरों में 30 से 40 दिनों तक पानी स्टोर कर इस्तेमाल करने पर मजबूर हैं। कई दिनों तक पानी स्टोर की वजह से कच्चे पानी में कीड़े तक पड़ जाते हैं। फिर भी इस्तेमाल करना पड़ता है। सरकारी टैंकर बिना पैसे के नहीं पहुंचते। जेई कभी भी फोन नहीं उठाता। सिर्फ पैसे वाली लिस्ट तैयार करता है। जब जनता से पैसे ही लेना है तो आप ये पैसे सरकारी खजाने में क्यों नहीं लेते। जिससे कि संगम विहार में सोनिया विहार की पाईप लाईन बिछाने में मदद मिल सके। ताकि जनता को सूचारू रूप से पानी मिल सके और भ्रष्टाचार से मुक्ति मिल सके। 

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