केसीआर ने पुरानी योजनाओं के नाम बदलकर उनकी कीमत पर अपने परिवार एवं दोस्तों को आगे बढ़ाया

गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केसीआर पर घोर पूंजीवादी और जनजातीय व किसानों के अधिकार व सुरक्षा को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया

Update: 2018-11-29 19:10 GMT

तेलंगाना। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर तेलंगाना की कीमत पर अपने परिवार को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत पीपुल्स फ्रंट की जीत होने पर किसानों का कर्ज माफ करने और युवाओं को रोजगार देने का वादा किया। जयशंकर भूपलपल्ली जिले में यहां कांग्रेस नीत गठबंधन के लिए प्रचार करते हुए गांधी ने एक स्वर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केसीआर पर घोर पूंजीवादी और जनजातीय व किसानों के अधिकार व सुरक्षा को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

राहुल ने कहा, "केंद्र में मोदी और राज्य में केसीआर ने जनजातीय लोगों की जमीन की सुरक्षा से जुड़े कानूनों को हल्का कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप उद्योगपतियों के लिए जनजातीय लोगों की जमीन बिना उचित मुआवजे के छीन ली गईं। अत्यधिक जमीन और जंगल होने के बावजूद जनजातीय लोगों के पास कोई सुरक्षा नहीं है और उनके अधिकारों का लगातार दमन हो रहा है।"

उन्होंने कहा कि केसीआर सरकार ने केवल एक काम किया। उन्होंने कांग्रेस सरकार की पुरानी योजनाओं के नाम बदल दिए और उनकी कीमत पर मुख्यमंत्री व उनके परिवार एवं दोस्तों को आगे बढ़ाया।

राहुल ने कहा, "आप जहां भी जाएंगे, अपने मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार में संलप्ति पाएंगे। उन्होंने दो लाख युवाओं को नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन इसका फायदा सिर्फ और सिर्फ उनके परिवार और दोस्तों को हुआ।"

उन्होंने कहा, "जब केसीआर मुख्यमंत्री बने थे, तो तेलंगाना का अधिशेष 17 हजार करोड़ रुपये थे, लेकिन आज वह 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज के बोझ तले दबा है।"

राहुल ने कहा, 'एक तरफ जहां केसीआर प्रत्येक परिवार पर कर्ज का बोझ बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे की आमदनी 400 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है।"

कांग्रेस प्रमुख ने केसीआर के बेटे के.टी. रामाराव का जिक्र किया, जिनकी आय 2014 में 29 लाख रुपये थी, जो 2018 में बढ़कर करीब 74 लाख रुपये पहुंच गई।

केसीआर शासन के दौरान 4,500 से ज्यादा किसानों द्वारा आत्महत्या करने का दावा करते हुए गांधी ने प्रत्येक किसान को दो लाख रुपये के कृषि ऋण देने की योजना को रद्द करने और धान के लिए दो हजार, रुई के लिए सात हजार, मिर्च के लिए दस हजार रुपये सहित 17 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने का संकल्प लिया। 

उन्होंने प्रत्येक उपखंड में 30 बिस्तरों वाला अस्पताल स्थापित करने और घर निर्माण के लिए योग्य परिवारों को पांच लाख रुपये देने का वादा किया। उन्होंने राज्य में जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित करने और सिंगारेनी कोयला खदानों के निजीकरण को रोकने का भी आश्वसन दिया।

राहुल ने कहा, "बिना किसानों की सुरक्षा और युवाओं को नौकरियां दिए कोई राज्य प्रगति नहीं कर सकता। केसीआर ने केवल वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा करने की जहमत नहीं उठाई।"

22 लाख घरों के निर्माण के वादे को पूरा नहीं करने पर केसीआर का मजाक उड़ाते हुए गांधी ने कहा कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख के लिए अब वक्त अपने 300 करोड़ रुपये के घर में आराम करने और कांग्रेस नीत गठबंधन के राज्य में काम करने का है।

119 सदस्यीय तेलंगाना विधानसभा चुनाव के तहत मतदान 7 दिसंबर को होना है।

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