जोगी की जाति का मामला हाईपावर कमेटी 31 मई तक दे रिपोर्ट : हाईकोर्ट

रायपुर/बिलासपुर । पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति मामले में आज हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि राज्य सरकार की हाईपावर कमेटी अपनी रिपोर्ट 31 मई तक अदालत में पेश करे।;

Update: 2017-01-25 05:08 GMT

रायपुर/बिलासपुर । पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति मामले में आज हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि राज्य सरकार की हाईपावर कमेटी अपनी रिपोर्ट 31 मई तक अदालत में पेश करे। राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता ने भी 31 मई तक जोगी की जाति मामले में हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट पेश कर देने की बात कही है।
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के जाति को लेकर सबसे पहले भाजपा के संतकुमार नेताम ने याचिका दाखिल की तब से अभी तक यह मामला चल रहा है। वर्ष 2011 में सुप्रीमकोर्ट ने राज्य शासन को आदेशित किया था कि अजीत जोगी के जाति का सत्यापन हाईपावर कमेटी से दो माह के भीतर कराए। वर्ष 2013 में हाईपावर कमेटी ने इनके जाति प्रमाण पत्र को संदेहास्पद मानकर 13 जून 2013 को हाईपावर कमेटी ने अजीत को नोटिस जारी कर 30 दिन के भीतर जवाब देने कहा।श्री जोगी ने राज्य निर्माण के बाद मरवाही आदिवासी सुरक्षित सीट से उपचुनाव तथा 2003 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। 2003 के चुनाव में जोगी के खिलाफ भाजपा की ओर से पूर्व सांसद नंदकुमार साय चुनाव लड़े थे और हार गए थे। अजीत जोगी की जाति को लेकर श्री साय ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी जोगी की जाति का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।  हाईपावर कमेटी ने अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। आज हाईकोर्ट ने मामले पर जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। नंदकुमार साय के अधिवक्ता उपेन्द्र अवस्थी व रक्षा अवस्थी ने मामले में बहस करते हुए राज्य शासन की हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट जारी करने अदालत से मांग की जिस पर राज्य शासन की हाईपावर कमेटी को 31 मई तक रिपोर्ट पेश करने को कहा गया। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की को लेकर चल रहे विवाद पर हाईकोर्ट ने आज  आदेश दिया है कि हाईपॉवर कमेटी इस पर 31 मई 2017 तक निर्णय ले। एक दशक से अधिक समय से यह मामला अदालत में लंबित है। जीस्टम गौतम भादुड़ी की कोर्ट में यह मामला चल रहा है। श्री साय ने जोगी को  अनुसूचित जन जाति वर्ग से नहीं आते है इस आधार पर े मारवाही से चुनाव लडऩे पर चुनौती दी थी। उनके निर्वाचन को शून्य घोषित करने मांग की गई थी। अपने पक्ष में राष्ट्रीय आदिवासी परिषद के फैसले की हवाला दिया था। जोगी ने राष्ट्रीय आदिवासी परिषद के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था परिषद को जाति तय करने का अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट को मामले का निपटारा करने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि हाईपॉवर कमेटी गठित की जाए। ताकि जोगी की जाति का फैसला हो सके। सरकार ने 13 अक्टूबर 2011 के निर्देश पर अदालत को आश्वासन दिया था कि तीन माह के भीतर जाति का निर्धारण छानबीन समिति करेगी। लेकिन पांच वर्षों बाद भी अब तक इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। जस्टिस किशोर भादुरी की अदालत में आज सुनवाई के दौरान जोगी के वकील ने कहा वे स्वयं चाहते हैं कि हाईपॉवर  कमेटी फैसला शीघ्र ले। सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल श्री गिल्डा ने कहा जल्द इस मामले में छानबीन समिति का निर्णय आ सकता है। हाई पॉवर कमेटी की रिपोर्ट पर जोगी के साथ उनके पुत्र अमित जोगी का राजनैतिक भविष्य टिका है यदि उन्हें आदिवासी वर्ग का नहीं पाया गया तो भविष्य में किसी आरक्षित सीट में चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

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