झारखंड छात्र आंदोलन : देवेंद्र नाथ महतो की हालत चिंताजनक, डिहाइड्रेशन से गिर रहा बीपी

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र जुटे हुए हैं। इनमें कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी लंबे समय से अनशन कर रहे हैं। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उनका इलाज और मेडिकल निगरानी जारी है।;

Update: 2026-08-16 10:26 GMT

नई दिल्ली। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र जुटे हुए हैं। इनमें कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी लंबे समय से अनशन कर रहे हैं। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उनका इलाज और मेडिकल निगरानी जारी है।

देवेंद्र नाथ महतो के स्वास्थ्य की जांच के बाद डॉ. हाफिज अली ने बातचीत के दौरान उनकी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा, फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो का ब्लड प्रेशर (बीपी) तरल पदार्थ दिए जाने के बाद ही कुछ हद तक सामान्य बना हुआ है। जब फ्लूइड को बंद किया जाता है, तो उनका बीपी फिर से निचले स्तर की ओर जाने लगता है। डॉक्टर ने इसे चिंता का विषय बताते हुए लगातार निगरानी की जरूरत बताई है।

डॉ. हाफिज अली ने बताया कि जांच के दौरान देवेंद्र की हालत में डिहाइड्रेशन प्रमुख रूप से सामने आई है। इसी वजह से उन्हें कमजोरी और चक्कर जैसी समस्या हो सकती है। डॉक्टर ने सलाह दी है कि उन्हें ओआरएस और जरूरी फ्लूइड दिया जाए, ताकि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बना रहे और ब्लड प्रेशर को स्थिर रखने में मदद मिले।

डॉक्टर ने यह भी बताया कि इससे पहले हुई जांच में उनके यूरिन में कीटोन बॉडीज पाई गई थीं। लंबे समय तक खाना नहीं खाने या स्टार्वेशन की स्थिति में शरीर ऊर्जा के लिए जमा फैट का इस्तेमाल करने लगता है, जिससे कीटोन बॉडीज बन सकती हैं। ऐसे में लंबे समय से जारी भूख हड़ताल का असर उनके शरीर पर साफ दिखाई दे रहा है।

डॉक्टर के अनुसार, फिलहाल उनकी सबसे बड़ी समस्या डिहाइड्रेशन है। शरीर में पर्याप्त फ्लूइड नहीं होने पर बीपी गिर सकता है और अचानक उठने या चलने पर चक्कर आने का खतरा भी रहता है। इसलिए उन्हें सावधानी बरतने और मेडिकल निगरानी में रखने की जरूरत है।


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