झारखंडः रिम्स में बढ़ेंगी मेडिकल सीटें, यूजी में 70 और पीजी में 100 अतिरिक्त स्टूडेंट्स को मिलेगा दाखिला
झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स, रांची में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। संस्थान में यूजी की सीटें मौजूदा 180 से बढ़ाकर 250 करने की तैयारी है;
रांची। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स, रांची में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। संस्थान में यूजी की सीटें मौजूदा 180 से बढ़ाकर 250 करने की तैयारी है। इसके साथ ही पीजी सीटों को 176 से बढ़ाकर 275 और पोस्ट-पीजी सीटों को 11 से बढ़ाकर 100 करने की योजना पर भी काम शुरू किया गया है। इन विस्तार योजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में रिम्स के शैक्षणिक विस्तार और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने यूजी सीटों में वृद्धि के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी है। सीटों में प्रस्तावित वृद्धि के साथ रिम्स के बुनियादी ढांचे को भी बड़े स्तर पर विकसित करने की तैयारी है। पुराने आईपीडी, ओपीडी और एकेडमिक ब्लॉक के रेनोवेशन एवं विस्तार की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा रिम्स के नॉर्थ और साउथ कैंपस में स्थित हॉस्टल तथा क्वार्टर का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा।
इन कार्यों के लिए करीब 380 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे सेंट्रल स्पॉन्सर्ड स्कीम के तहत भेजा जाएगा। पीजी और पोस्ट-पीजी हॉस्टल के निर्माण के साथ रिम्स के स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के विकास की योजना भी है। इन परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव है। इन कार्यों पर करीब 450 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
बैठक में रिम्स की मरीज प्रबंधन व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव ने मरीजों के एडमिशन और डिस्चार्ज के लिए स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने को कहा। अपर मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि यथासंभव मरीजों को उचित रेफरल व्यवस्था के जरिए रिम्स भेजा जाए। बिना रेफरल आने वाले मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था को नियंत्रित किया जाए और केवल आवश्यक परिस्थितियों में ही उन्हें भर्ती किया जाए।
बैठक में अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, रिम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. डीके सिन्हा, सहायक निदेशक बाघमारे प्रसाद कृष्ण सहित स्वास्थ्य विभाग और रिम्स के अधिकारी मौजूद थे।