झारखंड में JSSC-CGL समेत TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द, फैसले के बाद सड़क पर उतरे नौकरी पाने वाले अभ्यर्थी

सरकार के फैसले का असर परीक्षा से जुड़े अलग-अलग समूहों पर अलग पड़ा है। परीक्षा पास करके नियुक्ति पा चुके अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार के फैसले से उनकी नौकरी और भविष्य दोनों संकट में पड़ गए हैं।;

Update: 2026-08-18 05:01 GMT

रांची: Jharkhand Exam Cancellation: झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार, 17 अगस्त को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सरकार ने 2014 से अब तक आउटसोर्स एजेंसी TDPL की ओर से आयोजित सभी नौकरी परीक्षाओं और उनसे जुड़े जारी परिणामों को भी रद्द करने की घोषणा की है। सरकार के इस फैसले के बाद रांची में पिछले 24 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों के एक गुट ने जश्न मनाया। वहीं, JSSC-CGL पास कर नौकरी हासिल कर चुके और नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में नाराजगी फैल गई। इन अभ्यर्थियों ने सचिवालय और मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर सरकार के फैसले को वापस लेने की मांग की।

परीक्षा रद्द होने से दो गुटों में बंटे छात्र

सरकार के फैसले का असर परीक्षा से जुड़े अलग-अलग समूहों पर अलग पड़ा है। लंबे समय से परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे छात्रों ने इसे अपनी जीत बताया। दूसरी तरफ परीक्षा पास करके नियुक्ति पा चुके अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार के फैसले से उनकी नौकरी और भविष्य दोनों संकट में पड़ गए हैं। प्रदर्शन कर रहे नियुक्त अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्होंने अदालत की प्रक्रिया के बाद नौकरी हासिल की थी। ऐसे में परीक्षा और परिणाम रद्द किए जाने से उनके सामने दोबारा अनिश्चितता पैदा हो गई है।

‘एक पल में हम बेरोजगार हो गए’

मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे एक अभ्यर्थी ने कहा कि सरकार के फैसले के बाद वह खुद को फिर सड़क पर खड़ा पा रहा है। उसने मुख्यमंत्री से निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की। एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि उनकी नियुक्ति हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के बाद हुई थी और सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी भी मिली थी। उनका कहना था कि कई अभ्यर्थियों ने पिछली नौकरियां छोड़कर JSSC-CGL के जरिए मिली नौकरी ज्वाइन की थी। अब परीक्षा रद्द होने से उनके सामने नया संकट खड़ा हो गया है। अभ्यर्थियों ने संकेत दिया कि वे सरकार के फैसले के खिलाफ दोबारा कानूनी रास्ता अपना सकते हैं।

सरकार ने बताई फैसले की वजह

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोपों को देखते हुए सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। सरकार ने TDPL द्वारा 2014 से अब तक आयोजित कराई गई सभी नौकरी परीक्षाओं और एजेंसी की ओर से प्रकाशित परिणामों को भी रद्द करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, CID और विशेष जांच दल की जांच में कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हालांकि, जांच प्रभावित न हो, इसलिए इन तथ्यों का विस्तृत खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है।

परीक्षा सुधार समिति का गठन

सरकार ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार के लिए एक परीक्षा सुधार समिति बनाने का भी ऐलान किया है। वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित समिति परीक्षा प्रक्रिया में मौजूद खामियों की समीक्षा करेगी और सुधार के सुझाव देगी। सरकार का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाना जरूरी है, ताकि भविष्य में अभ्यर्थियों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

CBI जांच की मांग पर आंदोलन जारी

JPSC-JSSC सुधार मंच से जुड़े छात्रों ने कहा कि परीक्षा रद्द करना उनकी सभी मांगों का समाधान नहीं है। छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित अनियमितताओं की CBI जांच भी शामिल है। मंच ने कहा है कि जब तक सरकार CBI जांच पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को आंदोलन 24वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। 16 दिनों से अनशन कर रहे देवेंद्र महतो ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। अब छात्रों का प्रतिनिधिमंडल आगे की रणनीति तय करेगा। 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम होगा या नहीं, इस पर भी छात्र आपसी विचार-विमर्श के बाद फैसला करेंगे। ऐसे में परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले के बावजूद झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है।

Tags:    

Similar News