झारखंड सिपाही परीक्षा पेपर लीक: 164 गिरफ्तार, सरगना समेत
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा में पेपर लीक की साजिश का रांची पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है
रांची पुलिस का बड़ा खुलासा: अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
- 10-15 लाख में बिक रहे थे सवाल-जवाब, पुलिस ने किया पर्दाफाश
- निर्माणाधीन भवन से बरामद प्रश्नपत्र, मोबाइल और वाहन
- राजस्थान से यूपी तक पेपर लीक में शामिल रहा मास्टरमाइंड अतुल वत्स
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से रविवार को आयोजित झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा में पेपर लीक की साजिश का रांची पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मुख्य सरगना समेत कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 159 अभ्यर्थी भी शामिल हैं। गिरफ्तार अभ्यर्थियों में सात महिलाएं भी हैं।
एसएसपी राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में गठित टीम ने तमाड़ थाना क्षेत्र के एक निर्माणाधीन भवन में छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, 11 अप्रैल की देर रात की गई इस कार्रवाई के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोग भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को हिरासत में ले लिया।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने के नाम पर 10 से 15 लाख रुपये तक वसूल रहे थे। अभ्यर्थियों को सुनसान स्थान पर लाकर कथित तौर पर लीक प्रश्न-पत्र और उनके उत्तर उपलब्ध कराए जाते थे और उन्हें याद कराया जाता था। पुलिस ने मौके से प्रश्न-उत्तर के तैयार सेट, प्रिंटर, कई मोबाइल फोन, फटे हुए एडमिट कार्ड, अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए बैंक चेक और आठ वाहनों को जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक, कई अभ्यर्थियों ने कार्रवाई से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड गिरोह के सदस्यों को सौंप दिए थे। बरामद वाहनों के मालिकों और उनके उपयोग की भी जांच की जा रही है।
मामले में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/26, दिनांक 12 अप्रैल 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई है। रांची पुलिस ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मुख्य सरगना अतुल वत्स भी शामिल है, जो बिहार के जहानाबाद जिले का निवासी है। पुलिस के अनुसार, उसका आपराधिक इतिहास लंबा रहा है और वह कई बड़े परीक्षा घोटालों में शामिल रहा है। इनमें राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा (2017), नीट पेपर लीक (2024), बिहार में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती परीक्षा (2024), उत्तर प्रदेश आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा (2024), और उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा (2024) शामिल हैं। आरओ/एआरओ मामले में उसे यूपी एसटीएफ द्वारा पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस का कहना है कि इस संगठित गिरोह के अन्य सदस्यों, स्थानीय एजेंटों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। साथ ही बैंक खातों, चेक और मोबाइल डेटा की भी पड़ताल जारी है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं को प्रभावित करता रहा है।