पत्थरबाजों पर दर्ज एफआईआर वापस लेना उचित नहीं : भाजपा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने कहा कि हाल ही में ईरान समर्थक प्रदर्शनों के दौरान पत्थरबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर वापस लेने की मांग किसी भी स्थिति में उचित नहीं हो सकती है
अल्ताफ ठाकुर बोले– विरोध के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं
- घाटी में शांति बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग
- ईरान समर्थक प्रदर्शनों पर भाजपा का कड़ा रुख
श्रीनगर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने मंगलवार को कहा कि हाल ही में ईरान समर्थक प्रदर्शनों के दौरान पत्थरबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर वापस लेने की मांग किसी भी स्थिति में उचित नहीं हो सकती है।
यहां जारी बयान में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि विरोध के नाम पर हिंसा और तोड़फोड़ स्वीकार्य नहीं है और इससे कानून के तहत सख्ती से निपटा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि घाटी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की है और इसे बिगाड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
श्री ठाकुर ने कहा, "कुछ लोग उन लोगों के खिलाफ एफआईआर वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जिन्होंने पत्थरबाजी का सहारा लिया। ऐसी मांगें स्वीकार्य नहीं हैं। हिंसा और तोड़-फोड़ को सही नहीं ठहराया जा सकता।"
वह सत्ताधारी और विपक्षी दलों के कई राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के हाल ही में किये उन आह्वान का जिक्र कर रहे थे, जिसमें अधिकारियों से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का आग्रह किया गया है। ये मामले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों और रैलियों के दौरान हुए थे।
पिछले हफ्ते हुए इन प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन पर श्री ठाकुर ने कहा कि भारत ने हमेशा ईरान के साथ मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाये रखे हैं। उन्होंने आगे कहा, "जहां हम श्री अयातुल्लाह खामेनेई के निधन पर शोक मनाते हैं, वहीं शोक यात्रा और आतंकवाद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच तुलना करना गलत है।"
श्री ठाकुर ने लोगों से शांति बनाये रखने और निहित स्वार्थों को घाटी का सौहार्द बिगाड़ने के लिए संवेदनशील स्थितियों का फायदा न उठाने देने का आग्रह किया।