कश्मीर में सोनमर्ग टनल के पास सीआरपीएफ का वाहन दुर्घटनाग्रस्त, छह जवान घायल
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में शुक्रवार को सोनमर्ग सुरंग के पास केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें छह जवान घायल हो गए। यह घटना श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई जब वाहन अचानक सड़क से फिसलकर पलट गया।;
कश्मीर। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में शुक्रवार को सोनमर्ग सुरंग के पास केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें छह जवान घायल हो गए। यह घटना श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई जब वाहन अचानक सड़क से फिसलकर पलट गया।
अधिकारियों के अनुसार, हादसा सोनमर्ग सुरंग के नजदीक उस समय हुआ जब सीआरपीएफ का वाहन सामान्य गश्त या आवाजाही के दौरान अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे फिसल गया। दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायल जवानों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुंड स्थित सीआरपीएफ कैंप में भेजा गया।
अधिकारियों ने बताया कि सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं, जिसमें सड़क की स्थिति, मौसम और तकनीकी कारणों की भी जांच की जा रही है।
गांदरबल और सोनमर्ग क्षेत्र ऊंचे पहाड़ी इलाकों में स्थित है, जहां मौसम में बदलाव और सड़क की फिसलन अक्सर वाहनों के लिए चुनौती पैदा करती है। श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग सामरिक और स्थानीय आवाजाही दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जिस पर भारी वाहनों की आवाजाही भी होती है। ऐसे में सुरक्षा बलों की आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है। फिलहाल दुर्घटना की विस्तृत जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वाहन के फिसलने का मुख्य कारण क्या था।
इसी बीच सीआरपीएफ ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी दर्ज की है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष की पहली छमाही में चलाए गए अभियानों के दौरान किसी भी जवान की जान नहीं गई। उन्होंने इसे कई दशकों में पहली बार हासिल हुई उपलब्धि बताया है। लगातार विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे अभियानों के बावजूद यह शून्य हताहत दर सुरक्षा और रणनीतिक प्रबंधन में सुधार का संकेत माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि बल के प्रशिक्षण, समन्वय और जोखिम प्रबंधन में बेहतर दक्षता को दर्शाती है।