फारूक अब्दुल्ला ने खुद बताया उनके साथ क्या हुआ? कहा-मैं निकल रहा था तभी..., अमित शाह ने किया फोन

फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना के समय वह एक शादी समारोह से बाहर निकल रहे थे, तभी अचानक पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी। बाद में उन्हें बताया गया कि एक व्यक्ति ने पिस्तौल से दो गोलियां चलाई थीं।

Update: 2026-03-12 10:02 GMT
श्रीनगर। Farooq Abdullah Attack: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हुए कथित हमले की कोशिश के बाद राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल मच गई है। फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को बताया कि घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन कर उनका हालचाल जाना और पूरे मामले की जांच कराने का भरोसा दिया। फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना के समय वह एक शादी समारोह से बाहर निकल रहे थे, तभी अचानक पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी। बाद में उन्हें बताया गया कि एक व्यक्ति ने पिस्तौल से दो गोलियां चलाई थीं।

मुझे तुरंत कार में बैठा दिया गया

फारूक अब्दुल्ला ने घटना का जिक्र करते हुए कहा, “मैं शादी समारोह स्थल से बाहर निकल रहा था तभी मुझे पटाखे जैसी आवाज सुनाई दी। तुरंत मुझे एक कार में ले जाया गया। बाद में पता चला कि एक व्यक्ति पिस्तौल लेकर आया था और उसने दो गोलियां चलाई थीं। मैं उस व्यक्ति को नहीं जानता और न ही उसके बारे में मुझे कोई जानकारी है।” उन्होंने कहा कि अल्लाह की कृपा और सुरक्षा बलों की सतर्कता के कारण उनकी जान बच गई।

एनएसजी और पुलिस की सराहना

पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और स्थानीय पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें सुरक्षित बचाया। फारूक अब्दुल्ला ने कहा, मेरे बचाव में जवानों ने जो किया, उसके लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। अगर वे तुरंत कार्रवाई नहीं करते तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने यह भी बताया कि जिस शादी समारोह में यह घटना हुई वहां कई महत्वपूर्ण हस्तियां मौजूद थीं, लेकिन उस समय स्थल पर पुलिसकर्मी तैनात नहीं थे।

आरोपी गिरफ्तार, पिस्तौल बरामद

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले में कमल सिंह नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी को ग्रेटर कैलाश इलाके के रॉयल पार्क में आयोजित शादी समारोह में कथित तौर पर फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाने की कोशिश के बाद पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा में तैनात एनएसजी के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए हमलावर को तुरंत काबू कर लिया और संभावित हमले को विफल कर दिया। घटना में इस्तेमाल की गई लोडेड पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है। आरोपी जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है और उससे पूछताछ जारी है।

संसद में भी उठा मामला

इस घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं और गुरुवार को संसद में भी यह मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और जम्मू-कश्मीर में पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर एक पूर्ण राज्य था, लेकिन अब पुलिस केंद्र के नियंत्रण में है। खरगे ने कहा, “फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा को खतरा है। सरकार को बताना चाहिए कि ऐसी घटना कैसे हो गई।”

जेपी नड्डा ने दिया जवाब

खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला एक गंभीर और चिंताजनक मामला है और इसकी पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। नड्डा ने साथ ही विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मामलों को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।


कौन है आरोपी कमल सिंह ?

फारूक अब्दुल्ला पर हमला करने वाले आरोपी की पहचान कमल सिंह जमवाल के रूप में हुई है। वह जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। उसकी उम्र लगभग 60–65 साल के बीच है। बताया गया है कि वह स्थानीय स्तर पर व्यापार करता है और पुराने शहर में उसकी कुछ दुकानें भी हैं, जिनसे उसका गुजारा चलता है। पुलिस ने बताया कि घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार आरोपी की ही लाइसेंसी पिस्तौल थी।

क्या था हमले का मकसद?

अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक आरोपी ने हमले के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी को कारण बताया है। उसने कहा कि फारूक अब्दुल्ला के प्रति उसका गुस्सा काफी पुराना है और इसी वजह से वह लंबे समय से मौका तलाश रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि केवल आरोपी के बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई और साजिश या सहयोगी तो नहीं है।

आरोपी ने पूछताछ में क्या कहा?

पूछताछ में आरोपी कमल सिंह जमवाल ने चौंकाने वाला दावा किया है। उसने कहा कि वह पिछले करीब 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने का इंतजार कर रहा था। उसने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि यह हमला किसी संगठन या साजिश का हिस्सा नहीं बल्कि उसका निजी एजेंडा था। उसने यह भी कहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। हालांकि पुलिस उसके बयान की तस्दीक कर रही है। फिलहाल पुलिस उसके पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर में हाई-प्रोफाइल नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी इस घटना को सुरक्षा में गंभीर चूक बताया और कहा कि मामले की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि किस तरह एक हमलावर सुरक्षा घेरे को पार कर इतने बड़े नेता के करीब पहुंच गया।

जांच जारी

फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हमलावर शादी समारोह तक कैसे पहुंचा और सुरक्षा में कहां चूक हुई। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में चिंता बढ़ गई है और नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सिरे से समीक्षा की मांग उठने लगी है।

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