गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू संभाग में बढ़ी ड्रोन घुसपैठ, 6 जगहों पर दिखे पाकिस्तानी ड्रोन, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
विवार को जम्मू संभाग के विभिन्न इलाकों में ड्रोन की मौजूदगी की सूचना मिली। इनमें राजौरी, पुंछ, कठुआ और सांबा जिले शामिल हैं। सुरक्षाबलों ने ड्रोन की गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की।
जम्मू। गणतंत्र दिवस नजदीक आते ही जम्मू संभाग में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से लेकर नियंत्रण रेखा (एलओसी) तक पाकिस्तान की ओर से ड्रोन गतिविधियों में तेज इजाफा देखा जा रहा है। रविवार को जम्मू संभाग में छह अलग-अलग जगहों पर पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। मुस्तैद सुरक्षाबलों ने कई स्थानों पर ड्रोन को खदेड़ने के लिए गोलीबारी की और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से एलओसी तक ड्रोन की हलचल
जानकारी के अनुसार, रविवार को जम्मू संभाग के विभिन्न इलाकों में ड्रोन की मौजूदगी की सूचना मिली। इनमें राजौरी, पुंछ, कठुआ और सांबा जिले शामिल हैं। सुरक्षाबलों ने ड्रोन की गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की। हालांकि, अब तक किसी भी स्थान से ड्रोन या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं की जा सकी है। इसके बावजूद सेना, बीएसएफ, पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राजौरी और पुंछ में एलओसी के पास ड्रोन देखे गए
राजौरी जिले के नौशहरा सेक्टर में एलओसी से सटे कलसियां क्षेत्र में रविवार शाम करीब सात बजे स्थानीय लोगों ने ड्रोन देखे जाने की सूचना दी। इसके बाद सेना ने संभावित खतरे को देखते हुए गोलीबारी की। कुछ ही देर में ड्रोन इलाके से ओझल हो गया। इसके तुरंत बाद सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने पूरे इलाके को घेर लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
कलसियां और आसपास के जंगलों, खेतों और रिहायशी इलाकों में देर रात तक तलाशी ली गई। एलओसी के नजदीक होने के कारण इस क्षेत्र को पहले से ही संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में ड्रोन की मौजूदगी को किसी बड़े षड्यंत्र से जोड़कर देखा जा रहा है। रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और आधुनिक निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी तरह राजौरी जिले के कालाकोट क्षेत्र के त्रेयाठ और पुंछ जिले के मनकोट इलाके में भी देर शाम ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली। इन क्षेत्रों में भी सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
कठुआ और सांबा में भी अलर्ट
कठुआ जिले के राजबाग के चकड़ा क्षेत्र में रात करीब आठ बजे एक संदिग्ध ड्रोन नजर आया। बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद ड्रोन वापस सीमा पार लौट गया। इसके बावजूद बीएसएफ और पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा है।
वहीं सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर के चक बाबराल गांव और पंगधोर इलाके में शाम करीब 7.15 से 7.30 बजे के बीच पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए। इन घटनाओं के बाद जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा नाके बढ़ा दिए गए हैं। हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहन की सघन जांच की जा रही है।
ड्रोन से हथियार गिराने की घटनाएं पहले भी
गौरतलब है कि शनिवार को भी जम्मू के सांबा क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए हथियार गिराए जाने की घटना सामने आई थी। इसी दिन जम्मू के बावे क्षेत्र से एक ड्रोन भी बरामद हुआ था। पिछले करीब ढाई महीनों में जम्मू संभाग में ही आठ अलग-अलग जगहों पर ड्रोन के जरिए हथियार और मादक पदार्थ गिराने के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें अधिकतर घटनाएं तड़के सुबह या देर रात की हैं, जिससे साफ संकेत मिलता है कि सीमा पार से साजिश के तहत गतिविधियां अंजाम दी जा रही हैं।
नया साल शुरू होते ही बढ़ी ड्रोन गतिविधि
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, नया साल शुरू होते ही पाकिस्तान की ओर से ड्रोन की गतिविधियों में तेजी आई है। पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के इरादे से अक्सर ड्रोन के जरिए हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थ सीमा के इस पार भेजने की कोशिश करता रहा है। गणतंत्र दिवस जैसे बड़े राष्ट्रीय आयोजन से पहले इस तरह की गतिविधियों को बेहद गंभीर खतरे के तौर पर देखा जा रहा है।
सेटेलाइट फोन सिग्नल मिलने से बढ़ी चिंता
इस बीच एक और चिंताजनक जानकारी सामने आई है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जम्मू शहर के बाहरी क्षेत्र कानाचक में खुफिया एजेंसियों को एक सेटेलाइट फोन का सिग्नल मिला है। एजेंसियों के मुताबिक यह संचार थुराया सेटेलाइट डिवाइस के जरिए किया गया था। इसके बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि जम्मू जिले में कई आतंकी सक्रिय हो सकते हैं। इस इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और सख्त कर दी है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, तलाशी अभियान जारी
सेना, बीएसएफ, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों में रात-दिन गश्त बढ़ा दी गई है और ड्रोन रोधी तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है।सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू संभाग में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी साजिश को नाकाम किया जा सके।