पाबंदी पर आदेशों को पेश करे जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन : सुप्रीम कोर्ट

मेहता ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हित में लिए गए प्रशासकीय निर्णयों के लिए कोई भी अपील नहीं कर सकता। केवल कोर्ट ही इसे देख सकता है और निश्चित ही याचिकाकर्ता इसे नहीं देख सकते।

Update: 2019-10-16 19:45 GMT

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने  जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन से उन आदेशों को अदालत के समक्ष पेश करने के लिए कहा जिसके तहत जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा दिए जाने वाले अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद संचार पाबंदी लगाने के आदेश दिए गए थे। शीर्ष अदालत ने जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन से पूछा कि उसने राज्य में संचार पाबंदी लगाने के बाबत आदेश और अधिसूचना जारी क्यों नहीं किया।

जम्मू एवं कश्मीर का प्रतिनिधित्व करते हुए, सॉलिस्टिर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एन.वी. रमना की अध्यक्षता वाली एक पीठ से कहा कि वह संचार पाबंदी से संबंधित शासकीय आदेश को शीर्ष अदालत द्वारा देखे जाने के लिए ही पेश करेंगे।

मेहता ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हित में लिए गए प्रशासकीय निर्णयों के लिए कोई भी अपील नहीं कर सकता। केवल कोर्ट ही इसे देख सकता है और निश्चित ही याचिकाकर्ता इसे नहीं देख सकते।

उन्होंने अदालत से यह भी कहा कि वह नए हलफनामे को दाखिल करेंगे क्योंकि पाबंदी से संबंधित परिस्थितियां बदल गई है।

पीठ ने पाया कि जम्मू एवं कश्मीर में मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई है, हालांकि एक याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से कहा कि एसएमएस सेवा पर मंगलवार को अधिकारियों ने पाबंदी लगा दी है।

अदालत कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की बंद व संचार पाबंदी से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

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