भावी पीढ़ियों के लिए पानी का संरक्षण करना बेहद जरूरीन : खट्टर

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि भावी पीढ़ी को विरासत में अगर पानी देना है तो इसका आज से संरक्षण करना होगा

Update: 2020-06-10 06:11 GMT

सिरसा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि भावी पीढ़ी को विरासत में अगर पानी देना है तो इसका आज से संरक्षण करना होगा।

श्री खट्टर आज यहां पंचायत भवन में सिरसा ब्लॉक के किसानों से ‘मेरा पानी-मेरी विरासत योजना’ के तहत सीधा संवाद करते हुये यह बात कही। उन्होंने किसानों का संशय दूर करते हुए उनके सुझावों का स्वागत भी किया। उन्होंने कहा कि जल सरंक्षण की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं और कई कारगर योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं। इसी कड़ी में ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना का उद्देश्य किसानों को धान के बजाए दूसरी फसल लगाने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे फसल विविधिकरण की ओर अग्रसर होकर सरकार की जल बचाव मुहिम में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा भूमिगत पानी बचाने की है। जिन क्षेत्रों में भूमिगत जल स्तर 40 मीटर से नीचे है, उन क्षेत्रों में किसानों से धान न लगाने का आह्नान किया जा रहा है, ताकि भविष्य में जल संकट उत्पन्न न हो और किसान की भूमि भी उपजाऊ बनी रहे। अब तक योजना के तहत किसानों ने 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान के बजाए दूसरी फसल उगाने के लिए अपनी सहमति जताई है और जल बचाव मुहिम में किसान जुड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सिरसा जिले में अब तक ‘मेरा पानी-मेरी विरासत योजना’ के तहत 5573 किसानों ने धान की जगह दूसरी फसल उगाने के लिए सहमति जताई है। किसान धान के अतिरिक्त कोई भी फसल या बागवानी अपना सकते हैं। इसके लिए सरकार द्वारा 7,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है जिसमें 2,000 रुपये पंजीकरण के समय और शेष 5,000 रुपये की राशि फसल तैयार होने पर किसान को दी जाएगी। उन्होंने किसानों को जल बचाव मुहिम के तहत टपका सिंचाई प्रणाली का उपयोग करने का आग्रह करते हुए कहा कि किसानों को टपका सिंचाई विधि पर 85 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।

किसानों से संवाद के दौरान जिले के हांडीखेड़ा गांव के किसान नेकी राम ने मेरा पानी-मेरी विरासत योजना को कारगर बताया और सुझाव दिया कि जल बचाना और भू-जल स्तर को ऊपर लाने के लिए रिचार्ज पद्धति पर गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए, जिससे भविष्य में जल संकट न हो। इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनके सुझाव का अभिनंदन किया। इस दौरान अन्य किसानों ने भी जल बचाव को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने सभी के सुझावों को लेकर भविष्य में योजनाबद्घ तरीके से काम करने का आश्वासन दिया।

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