देश को बांटने वाली संस्कृति को पहचानना जरूरी: कमलनाथ

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि आज ऐसी शक्तियों को भी पहचानना जरूरी है, जो देश को बाँटने का काम कर रही है।

Update: 2020-03-06 15:52 GMT

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि आज ऐसी शक्तियों को भी पहचानना जरूरी है, जो देश को बाँटने का काम कर रही है। भारत की संस्कृति अनेकता में एकता की संस्कृति है। इसकी असली शक्ति आध्यात्मिक शक्ति है, जो देश को बांधे रखती है और आगे बढ़ाती है।

कमलनाथ आज यहां स्थानीय बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान में यादव महासभा मध्यप्रदेश के प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यादव समाज हर क्षेत्र में जागरूक समाज है। जागरूक समाज होने के नाते यादव समाज की बुजुर्ग और नौजवान पीढ़ी का कर्तव्य है कि देश के मूल्यों को पहचाने। नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराएं। नई पीढी को इससे जोड़े रखें।

उन्होंने कहा कि विश्व में भारत एकमात्र देश है जो विविधताओं के बावजूद एक झण्डे के नीचे शान से खड़ा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और नई पीढ़ी में बहुत अंतर है। नई पीढ़ी की पहुंच तकनीकी और ज्ञान तक पहुंच है। नई पीढ़ी सिर्फ आगे बढ़ने के अवसर चाहती है। उनमें क्षमता और प्रतिभा दोनों है। नया मध्यप्रदेश और इसकी नई पहचान बनाना चुनौती है। मध्यप्रदेश की नई पहचान पर हर नागरिक को गर्व होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश की नई पहचान बने चाहे वह आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र हो। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा आर्थिक गतिविधियां बढ़ाकर रोजगार के अवसर युवाओं का देना सबसे पहली प्राथमिकता है। रोजगार निर्माण आर्थिक गतिविधि का ही एक आयाम है। यादव समाज की भूमि उपलब्ध कराने एवं अन्य मांगों के संबंध में उन्होंने कहा कि यादव समाज को निराश नहीं होने देंगे।

उन्होंने यादव समाज सहित अन्य समाजों के युवाओं का आव्हान किया कि नया मध्यप्रदेश बनाने के लिए सब एक साथ मिलकर आगे बढ़े।

इस अवसर पर यादव महासभा के महासचिव दामोदर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ घोषणाओं पर नहीं काम पर विश्वास करने वाले मुख्यमंत्री हैं और मध्यप्रदेश को नई ऊँचाईयों पर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण देने और समन्वय भवन का नाम स्वर्गीय श्री सुभाष यादव के स्मृति में रखने के लिए मुख्यमंत्री का यादव समाज की ओर से आभार व्यक्त किया।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव ने भी अधिवेशन को संबोधित किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री सचिन यादव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हर्ष यादव, पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव, विधायक कृष्णा गौर, योगेन्द्र मंडलोई एवं बड़ी संख्या में यादव समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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