यूक्रेन में कार्गो जहाज पर हमला, चार भारतीयों की मौत; भारत ने जताया कड़ा विरोध

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह हमला 19 जुलाई की शाम उस समय हुआ जब गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला कार्गो जहाज ओडेसा से रवाना हुआ था। जहाज पर कुल 17 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे।;

Update: 2026-07-21 04:20 GMT

कीव: यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए कार्गो जहाज 'एमवी गोल्डन लियो' पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया। भारत सरकार ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे बेहद दुखद बताया और निर्दोष नागरिकों व कारोबारी जहाजों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। घायल भारतीय का अस्पताल में उपचार जारी है और भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।

विदेश मंत्रालय ने जताया शोक

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह हमला 19 जुलाई की शाम उस समय हुआ जब गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला कार्गो जहाज ओडेसा से रवाना हुआ था। जहाज पर कुल 17 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे। मंत्रालय ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। साथ ही घायल भारतीय के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की गई है।

कारोबारी जहाजों पर हमले को भारत ने बताया अस्वीकार्य

विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता के खिलाफ है। ऐसे हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं और इनसे बचा जाना चाहिए। भारत ने दोहराया कि समुद्री व्यापार की सुरक्षा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना चाहिए।

यूक्रेन का दावा- तीन क्रूज मिसाइलों से किया गया हमला

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, एमवी गोल्डन लियो मक्का लेकर ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था। बंदरगाह से निकलने के कुछ समय बाद जहाज पर तीन रूसी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। यूक्रेन की नौसेना का कहना है कि हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई। समुद्र में जहाज से उठते घने धुएं को दूर तक देखा गया। बाद में उसकी पहचान गोल्डन लियो के रूप में की गई। हालांकि, इस हमले को लेकर रूस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया

यूक्रेन के समुद्री बंदरगाह प्राधिकरण के मुताबिक, घटना के बाद पूरी रात सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। राहत एवं बचाव दल ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों के अनुसार, हमले में कुल नौ क्रू सदस्य और एक समुद्री पायलट की मौत हुई, जबकि कई अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों में भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रहा है।

ब्लैक सी में बढ़ते सैन्य तनाव का असर समुद्री व्यापार पर

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ब्लैक सी (काला सागर) क्षेत्र में रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। वर्ष 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से यह इलाका वैश्विक समुद्री व्यापार और अनाज निर्यात के लिए सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल हो गया है। बीते वर्षों में अंतरराष्ट्रीय समझौतों के जरिए अनाज निर्यात को आंशिक रूप से बहाल किया गया था, लेकिन हालिया हमलों ने फिर से समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

बंदरगाहों और ऊर्जा ठिकानों पर बढ़ रहे हमले

हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक ठिकानों पर हमले तेज हुए हैं। यूक्रेन जहां रूस के ऊर्जा ढांचे और तेल टैंकरों को निशाना बना रहा है, वहीं रूस ने यूक्रेन के बंदरगाहों, ईंधन भंडारण केंद्रों और कार्गो जहाजों पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले बढ़ा दिए हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी दावा किया है कि उसकी सेना ने ओडेसा क्षेत्र में ईंधन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया है। ऐसे लगातार हमलों से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक समुद्री व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

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