ट्रंप का बड़ा बयान: बाइडन दौर में गिरता हुआ देश बन गया था अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लंबा पोस्ट लिखते हुए दावा किया कि जो बाइडन की नीतियों ने अमेरिका को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर कमजोर कर दिया। उन्होंने कहा कि खुली सीमा नीति के कारण अमेरिका में अवैध प्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ी और इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई।;
बीजिंग/ वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर जो बाइडन प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। इस बार ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की उस टिप्पणी का समर्थन किया, जिसमें अमेरिका को “पतनशील राष्ट्र” बताया गया था। ट्रंप ने कहा कि अगर शी चिनफिंग ने ऐसा कहा था, तो वह सीधे तौर पर बाइडन सरकार के पिछले चार वर्षों की नीतियों की ओर इशारा था और वह इस बात से पूरी तरह सहमत हैं। ट्रंप के इस बयान ने वाशिंगटन से लेकर बीजिंग तक राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। अमेरिकी राजनीति में पहले से ही चुनावी माहौल गर्म है और ऐसे में ट्रंप का यह बयान बाइडन प्रशासन पर बड़े हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
बाइडन सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लंबा पोस्ट लिखते हुए दावा किया कि जो बाइडन की नीतियों ने अमेरिका को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर कमजोर कर दिया। उन्होंने कहा कि खुली सीमा नीति के कारण अमेरिका में अवैध प्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ी और इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि बाइडन सरकार ने टैक्स बढ़ाकर उद्योगों और कारोबार को नुकसान पहुंचाया। उनके मुताबिक महंगाई, बेरोजगारी और अपराध के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई, जिससे आम अमेरिकी नागरिक परेशान हुआ। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सड़कों से लेकर बड़े शहरों तक कानून व्यवस्था कमजोर दिखाई देने लगी थी।
डीईआइ और ट्रांसजेंडर नीतियों पर भी हमला
अपने बयान में ट्रंप ने डीईआइ यानी डाइवर्सिटी, इक्विटी एंड इंक्लूजन नीतियों को भी अमेरिका की गिरावट का कारण बताया। उन्होंने कहा कि इन नीतियों ने योग्यता आधारित व्यवस्था को कमजोर किया और संस्थानों में भ्रम की स्थिति पैदा की। इसके साथ ही ट्रंप ने ट्रांसजेंडर नीतियों को लेकर भी बाइडन प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पुरुष खिलाड़ियों को महिलाओं की खेल प्रतियोगिताओं में शामिल होने की अनुमति देना गलत था और इससे खेलों की निष्पक्षता प्रभावित हुई। ट्रंप ने इसे “अकल्पनीय बदलाव” बताते हुए कहा कि ऐसी नीतियों ने अमेरिका की पारंपरिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया।
“16 महीनों में अमेरिका ने की जबरदस्त वापसी”
ट्रंप ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका ने बहुत कम समय में मजबूत वापसी की है। उन्होंने कहा कि पिछले 16 महीनों में देश की अर्थव्यवस्था दोबारा रफ्तार पकड़ चुकी है और दुनिया भर से रिकॉर्ड विदेशी निवेश अमेरिका में आ रहा है। उनके अनुसार शेयर बाजार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और रोजगार के अवसरों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ट्रंप ने कहा कि नौकरी बाजार पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है और अमेरिकी कंपनियां फिर से विस्तार कर रही हैं।
सेना और विदेश नीति को बताया मजबूत
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका की सैन्य ताकत पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई और वेनेजुएला के साथ बेहतर होते संबंधों को अपनी विदेश नीति की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने दुनिया के कई देशों के साथ बड़े निवेश समझौते किए हैं, जिनसे अमेरिका को अरबों-खरबों डॉलर का फायदा हुआ। ट्रंप के मुताबिक इन फैसलों ने अमेरिका की वैश्विक स्थिति को फिर से मजबूत किया है।
शी चिनफिंग ने की तारीफ, ट्रंप का दावा
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने निजी बातचीत में उनकी उपलब्धियों की सराहना की थी। हालांकि उन्होंने बातचीत का पूरा विवरण साझा नहीं किया, लेकिन कहा कि शी ने अमेरिका की तेज वापसी और उनकी नीतियों की तारीफ की थी।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। बाइडन और ट्रंप के बीच नीतियों को लेकर पहले से ही तीखी बयानबाजी चल रही है और अब चीन का संदर्भ जुड़ने से यह बहस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है।