जेलेंस्की ने कहा, ट्रंप ने धोखा दिया, ट्रंप बोले- यूक्रेनी राष्ट्रपति नापसंद, जानें क्‍यों आई रिश्‍तों में खटास

ट्रंप की ओर से जेलेंस्की के प्रति नाराजगी जताए जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ गए हैं। इससे यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य और खुफिया सहायता के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।;

Update: 2026-10-17 05:37 GMT

कीव/ब्रसेल्स: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के रिश्तों में तनाव और गहरा गया है। शुक्रवार को रूस ने यूक्रेन के नौ इलाकों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 15 लोग घायल हो गए। हमलों में कई ऊर्जा संयंत्रों और इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि बिजली आपूर्ति बाधित होने से लाखों लोगों के प्रभावित होने की खबर है। इस बीच जेलेंस्की ने ट्रंप पर यूक्रेन के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और रूस के साथ अमेरिका के डीजल खरीद समझौते की आलोचना की। दूसरी ओर, ट्रंप ने कहा है कि वह यूक्रेनी राष्ट्रपति को पसंद नहीं करते। युद्ध के मैदान में बढ़ती सैन्य कार्रवाई के साथ दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव भी तेज हो रहा है। यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन में संभावित बदलाव और रूस के साथ वाशिंगटन के संबंधों को लेकर यूरोपीय देशों की चिंता बढ़ गई है।

रूस के हमलों से ऊर्जा ढांचे को नुकसान, बिजली संकट गहराया

यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों में रूसी हमलों के कारण ऊर्जा बुनियादी ढांचे और नागरिक इमारतों को नुकसान पहुंचा है। बिजली संयंत्रों को निशाना बनाए जाने से कई इलाकों में आपूर्ति बाधित हुई और बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्दियों से पहले ऊर्जा सुविधाओं पर हमले यूक्रेन के लिए विशेष चिंता का विषय हैं, क्योंकि बिजली और हीटिंग व्यवस्था पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

यूक्रेन लगातार पश्चिमी देशों से वायु रक्षा प्रणालियों और सैन्य सहायता की मांग करता रहा है। कीव का कहना है कि रूसी हमलों से बचाव के लिए उसे आधुनिक हथियारों और समय पर खुफिया जानकारी की जरूरत है।

ट्रंप पर जेलेंस्की का निशाना, यूरोप से लगाई उम्मीद

यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने बेल्जियम पहुंचे जेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे वास्तविक नेतृत्व दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध समाप्त करना चाहता है, लेकिन रूस की ओर से फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिल रहा है जिससे संघर्ष खत्म होने की उम्मीद मजबूत हो।

जेलेंस्की ने यह भी शिकायत की कि यूक्रेन को अब अमेरिका से पहले जैसी गुणवत्तापूर्ण खुफिया जानकारी नहीं मिल रही है। उनके मुताबिक, स्टारलिंक की सैन्य संचार सेवा स्टारशील्ड के सिग्नल अचानक बंद किए जाने से यूक्रेनी ड्रोन अभियानों और युद्ध मोर्चों पर सैनिकों के बीच संवाद प्रभावित हुआ है। हालांकि, इस संबंध में सेवा बंद किए जाने के कारणों और इसके प्रभावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

रूस से डीजल खरीद पर भी विवाद

जेलेंस्की ने रूस के साथ डीजल खरीद से जुड़े अमेरिकी समझौते की आलोचना करते हुए इसे यूक्रेन के हितों के विपरीत बताया। उनका तर्क है कि रूस की ऊर्जा आय पर निर्भरता कम करने के बजाय उससे खरीदारी जारी रखना मॉस्को पर दबाव बनाने की कोशिशों को कमजोर कर सकता है।

ट्रंप की ओर से जेलेंस्की के प्रति नाराजगी जताए जाने के बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ गए हैं। इससे यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य और खुफिया सहायता के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

यूरोपीय संघ अमेरिका को मनाने की कोशिश में

यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की प्रमुख काजा कलास ने कहा कि 27 सदस्य देशों वाला समूह अमेरिका को यूक्रेन के समर्थन में साथ बनाए रखने का प्रयास करेगा। यूरोपीय नेताओं की कोशिश है कि अमेरिका और यूरोप मिलकर रूस पर युद्ध समाप्त करने के लिए अधिक दबाव डालें।

हालांकि, वाशिंगटन और कीव के बीच बढ़ते मतभेदों को देखते हुए यह कूटनीतिक प्रयास आसान नहीं दिख रहा है। यूरोपीय देशों के सामने यूक्रेन की सहायता जारी रखने और युद्ध के विस्तार को रोकने की दोहरी चुनौती है।

रूस ने 644 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराने का दावा किया

रूस ने भी यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए जाने की जानकारी दी है। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार और शुक्रवार की रात देश के विभिन्न क्षेत्रों में 644 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए। मंत्रालय ने क्रीमिया और काला सागर के आसपास भी ड्रोन रोके जाने का दावा किया।

ड्रोन हमलों के कारण मॉस्को के चार हवाई अड्डों पर करीब 160 उड़ानों में देरी हुई, उनके मार्ग बदले गए या उन्हें रद्द करना पड़ा। सेंट पीटर्सबर्ग हवाई अड्डे पर भी 46 उड़ानें प्रभावित हुईं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों से युद्ध समाप्त करने की कूटनीतिक कोशिशों पर दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका और यूरोप की आगे की रणनीति यह तय करने में अहम होगी कि संघर्ष को बातचीत की मेज तक लाने की संभावनाएं कितनी मजबूत होती हैं।

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