पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर मिसाइल अटैक, 7 की मौत: 75 घायल; 6 PAK सैनिकों की मौत के बाद किया जवाबी हमला

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कुनार की राजधानी असदाबाद में कई रिहायशी इलाकों के साथ-साथ सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया। यह यूनिवर्सिटी क्षेत्र की प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं में से एक है, जहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं। हमले में यूनिवर्सिटी परिसर को नुकसान पहुंचा है और कई छात्र घायल हुए हैं।;

Update: 2026-04-28 10:13 GMT
काबुल/इस्लामाबाद। अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार में सोमवार को हुए हमलों ने एक बार फिर क्षेत्र में अस्थिरता की तस्वीर पेश कर दी। इन हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 75 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में यूनिवर्सिटी के छात्र, छोटे बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।

यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों को बनाया निशाना

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कुनार की राजधानी असदाबाद में कई रिहायशी इलाकों के साथ-साथ सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया। यह यूनिवर्सिटी क्षेत्र की प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं में से एक है, जहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं। हमले में यूनिवर्सिटी परिसर को नुकसान पहुंचा है और कई छात्र घायल हुए हैं। तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने आरोप लगाया है कि ये हमले पाकिस्तान की ओर से किए गए। उनके मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 2 बजे मोर्टार और रॉकेट से हमला शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।

पाकिस्तान ने आरोपों को किया खारिज

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय का कहना है कि अफगानिस्तान द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और पाकिस्तान ने किसी भी तरह से नागरिक इलाकों या यूनिवर्सिटी को निशाना नहीं बनाया। इस विरोधाभासी दावों के बीच सच्चाई को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और गहरा सकता है।

सीमा पर झड़पें

इस घटना से एक दिन पहले, रविवार को भी अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर हिंसक झड़प की खबर सामने आई थी। कंधार क्षेत्र के स्पिन बोल्डक इलाके में दोनों पक्षों के बीच देर रात फायरिंग हुई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस झड़प में पाकिस्तान के छह सैनिकों की मौत हो गई, जबकि तालिबानी लड़ाकों ने एक सैनिक को बंधक बना लिया। साथ ही कुछ हथियार भी अपने कब्जे में ले लिए गए। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

बढ़ती हिंसा के पीछे क्या है कारण?

बताया जा रहा है कि सीमा पार से हुई गोलीबारी में एक स्थानीय बच्चे की मौत हो गई थी, जिसके बाद तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की। यह घटना दोनों देशों के बीच पहले से चले आ रहे तनाव को और बढ़ाने वाली साबित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा विवाद, आतंकवाद के आरोप और सुरक्षा चिंताएं दोनों देशों के रिश्तों को लगातार प्रभावित कर रही हैं। यही वजह है कि छोटी घटनाएं भी बड़े टकराव का रूप ले लेती हैं।

सीजफायर के बावजूद नहीं थमा संघर्ष

मार्च महीने में दोनों देशों के बीच एक सीजफायर समझौता हुआ था, जिससे कुछ समय के लिए हालात में सुधार देखने को मिला। इससे पहले लगातार कई हफ्तों तक सीमा पर हिंसक झड़पें होती रही थीं। हालांकि, हाल की घटनाओं से साफ है कि यह शांति अस्थायी साबित हुई है और जमीनी स्तर पर तनाव अब भी कायम है। सीजफायर के बावजूद हमले और जवाबी कार्रवाई जारी रहने से स्थिति फिर से बिगड़ती नजर आ रही है।

अंतरराष्ट्रीय प्रयास भी रहे बेअसर

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कई देशों ने मध्यस्थता की कोशिश की है। चीन, तुर्किए, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे देशों ने दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए समाधान निकालने की सलाह दी है।
इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आ पाया है, जिससे क्षेत्रीय शांति पर सवाल उठ रहे हैं।

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