होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करेगा ईरान, बताया पूरा प्लान

ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने बताया कि नया सिस्टम जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके तहत जहाजों के लिए निश्चित समुद्री रास्ते तय किए जाएंगे और सुरक्षा तथा नेविगेशन सेवाओं के लिए शुल्क वसूला जाएगा।;

Update: 2026-05-17 09:14 GMT

तेहरान। New Traffic Management System: ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा फैसला लिया है। तेहरान ने घोषणा की है कि जल्द ही इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत जहाजों से टोल टैक्स और विशेष सेवाओं के बदले शुल्क लिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम हालिया संघर्षों और युद्ध के दौरान हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए उठाया जा रहा है। माना जा रहा है कि ईरान के इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

सहयोगी देशों को मिलेगी प्राथमिकता

ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने बताया कि नया सिस्टम जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके तहत जहाजों के लिए निश्चित समुद्री रास्ते तय किए जाएंगे और सुरक्षा तथा नेविगेशन सेवाओं के लिए शुल्क वसूला जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल वही व्यावसायिक जहाज और देश इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे जो ईरान के साथ सहयोगात्मक संबंध रखते हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान अपने विरोधी देशों के जहाजों पर अतिरिक्त प्रतिबंध या सख्ती लागू कर सकता है।

सैन्य उपकरणों को रोकने की चेतावनी

ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा कि देश अपने विरोधियों के सैन्य उपकरणों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं देगा। उनका कहना था कि ईरान अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। इस बयान को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए सीधी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट पहले से ही पश्चिम एशिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां किसी भी तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर तुरंत दिखाई देता है।

नया कानून तैयार कर रही ईरानी संसद

ईरानी संसद के डिप्टी स्पीकर अली निकजाद ने कहा कि नया कानून तैयार किया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानून और पड़ोसी देशों के अधिकारों को ध्यान में रखा जाएगा। वहीं सांसद अलीरेजा अब्बासी ने जानकारी दी कि संसद ऐसे जहाजों की आवाजाही सीमित करने पर विचार कर रही है जो ईरान विरोधी देशों के लिए सैन्य सामग्री लेकर जा रहे हों। इन जहाजों पर अतिरिक्त नियम और शुल्क भी लगाए जा सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसा कानून लागू होता है, तो इससे समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय नौवहन कंपनियों की चिंता बढ़ सकती है।

IRGC ने जारी किया नया समुद्री नक्शा

इससे पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट का नया नक्शा जारी किया था। इस नक्शे में जहाजों के लिए नया “सुरक्षित मार्ग” दिखाया गया है, जो ईरान के तट के ज्यादा करीब बताया गया है। ईरान का दावा है कि इससे समुद्री सुरक्षा बेहतर होगी, लेकिन कई पश्चिमी देशों को आशंका है कि इसका इस्तेमाल जहाजों की निगरानी और नियंत्रण बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।

ट्रंप की ईरान को चेतावनी

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि जल्द शांति समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में तनाव कम करना चाहता है, लेकिन अगर ईरान ने आक्रामक रुख जारी रखा, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच संबंध पहले से ही बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

रूस और चीन ने दिया कूटनीतिक समाधान पर जोर

होर्मुज संकट को लेकर रूस और चीन ने बातचीत और युद्धविराम का समर्थन किया है। रूस के वरिष्ठ राजनयिक मिखाइल उल्यानोव ने कहा कि स्थायी युद्धविराम ही इस संकट का वास्तविक समाधान हो सकता है। वहीं चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संवाद बढ़ाना जरूरी है। उनके अनुसार केवल बातचीत और स्थायी समझौते के जरिए ही क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सकती है।

संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बहरीन और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। इस प्रस्ताव में ईरान से होर्मुज स्ट्रेट में हमले रोकने और समुद्री मार्गों में बारूदी सुरंगें बिछाने जैसी गतिविधियों से दूर रहने की मांग की जाएगी। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो होर्मुज संकट अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में ईरान के नए नियम और संभावित शुल्क अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर तेल की कीमतों, समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे सकता है।

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