जी20 बैठक: ट्रंप प्रशासन ने आर्थिक विकास, निष्पक्ष व्यापार और सुधारों पर दिया जोर

ट्रंप प्रशासन ने एशविले में हुई जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक का इस्तेमाल मजबूत आर्थिक विकास, अधिक निष्पक्ष व्यापार और रेगुलेटरी रिफॉर्म को बढ़ावा देने के लिए किया। साथ ही चेतावनी दी कि ईरान की ओर से होर्मुज स्‍ट्रेट को बंद किया;

Update: 2026-09-01 05:15 GMT

एशविले। ट्रंप प्रशासन ने एशविले में हुई जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक का इस्तेमाल मजबूत आर्थिक विकास, अधिक निष्पक्ष व्यापार और रेगुलेटरी रिफॉर्म को बढ़ावा देने के लिए किया। साथ ही चेतावनी दी कि ईरान की ओर से होर्मुज स्‍ट्रेट को बंद किया जाना वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय मामलों की उप सचिव एरिन ब्राउन ने सोमवार की बैठकों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि चर्चा की शुरुआत मौजूदा आर्थिक स्थिति और वैश्विक विकास के मुद्दों से हुई।

उन्होंने कहा, "ट्रंप प्रशासन अमेरिका और पूरी दुनिया में मजबूत अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर पूरी तरह केंद्रित है। जी20 वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ी साझा चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।"

वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बैठक की शुरुआत करते हुए हरिकेन हेलेन के बाद एशविले की पुनर्बहाली का जिक्र किया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण पश्चिमी नॉर्थ कैरोलिना में कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े थे, सड़कें जलमग्न हो गई थीं और अनेक कारोबार प्रभावित हुए थे।

ब्राउन ने कहा, "आज एशविले हमें दिखाता है कि पुनर्निर्माण और नई शुरुआत कैसी दिखती है। यह वापसी की मिसाल बन चुका है।"

प्रशासन ने कहा कि मजबूत आर्थिक विकास उसके घरेलू आर्थिक कार्यक्रम और जी20 एजेंडे की नींव है। बैठक में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने कहा कि 'लंबे समय से चली आ रही आर्थिक सुस्ती का दौर अब खत्म हो चुका है।'

जी20 में शामिल कई देशों ने भी अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। यूरोप समेत कुछ देशों ने कहा कि वे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नियमों को सरल बना रहे हैं।

बैठक में ईरान की ओर से होर्मुज स्‍ट्रेट को बंद किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कई देशों ने इसके वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई।

ब्राउन ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन इस जलमार्ग को फिर से खोलने पर ध्यान दे रहा है। साथ ही वह ऐसे कूटनीतिक समाधान की कोशिश कर रहा है जिससे ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे।

उन्होंने कहा क‍ि हमारा अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ऐसा होने से लंबी अवधि में आर्थिक और बाजार संबंधी अस्थिरता भी कम होगी।

व्यापारिक तनाव और वैश्विक आर्थिक असंतुलन भी बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। अमेरिका ने कहा कि वह जी20 के अलग सत्र में उन व्यापारिक नीतियों का विरोध करेगा जिन्हें वह अनुचित मानता है।

ब्राउन ने कहा, "अब हम दूसरे देशों की अनुचित व्यापारिक नीतियों को स्वीकार नहीं करेंगे।"

उन्होंने बताया कि ट्रंप प्रशासन रेसिप्रोकल और सेक्टोरल टैरिफ का इस्तेमाल करके अमेरिका के व्यापारिक संबंधों को अधिक निष्पक्ष और संतुलित बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही निवेश को बढ़ावा देने वाली कर छूट, ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि और सरकारी खर्चों में संयम जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं ताकि अमेरिकी उत्पादन और राष्ट्रीय बचत को मजबूत किया जा सके।

ब्राउन ने बताया कि वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सहयोगी देशों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि प्रशासन की आर्थिक नीति सहयोग पर आधारित है।

उन्होंने कहा, "अमेरिका फर्स्ट का मतलब अमेरिका अकेला नहीं है। इसका मतलब है एक मजबूत अमेरिका के आधार पर मजबूत साझेदारियां बनाना।"

अमेरिका ने जी20 की चर्चाओं में निजी क्षेत्र के प्रमुख अधिकारियों को भी शामिल किया ताकि वे सीधे वरिष्ठ आर्थिक और वित्तीय नीति निर्माताओं के साथ बातचीत कर सकें।

इन चर्चाओं में निवेश, नवाचार और उत्पादकता के रास्ते में आने वाली बाधाओं पर विचार किया गया।

ब्राउन ने कहा क‍ि निजी क्षेत्र सिर्फ आर्थिक विकास में भागीदारी नहीं करता, बल्कि वही विकास पैदा करता है। व्यापार जगत के प्रतिनिधियों ने मैन्युफैक्चरिंग और स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के उपयोग, साथ ही डिजिटल एसेट्स में नवाचार पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी कर प्रणाली, कारोबार के अनुकूल नियम, कम संचालन लागत और कुशल कार्यबल आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।


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