गुरुग्राम: अल्ट्रा-लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में एक बार फिर बड़ी डील ने सबका ध्यान खींचा है। सेक्टर-54 स्थित डीएलएफ के सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियास’ में एक पेंटहाउस 271 करोड़ रुपये में बिकने की जानकारी सामने आई है। इसे भारत में किसी एक रिहायशी यूनिट के लिए हुए सबसे बड़े सौदों में से एक बताया जा रहा है। इस पेंटहाउस को कारोबारी मानव सरदाना ने खरीदा है।
17 हजार वर्ग फुट से ज्यादा का पेंटहाउस
रिपोर्ट के मुताबिक, इस पेंटहाउस का सुपर एरिया करीब 17,200 वर्ग फुट है, जबकि इसका कारपेट एरिया लगभग 10,500 वर्ग फुट बताया जा रहा है। 271 करोड़ रुपये की कीमत के आधार पर सुपर एरिया के हिसाब से इसकी कीमत करीब 1.58 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट बैठती है। वहीं कारपेट एरिया के आधार पर यह कीमत करीब 2.6 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच जाती है। इतनी ऊंची कीमत पर हुई यह बिक्री गुरुग्राम के प्रीमियम रियल एस्टेट बाजार की बढ़ती ताकत को दिखाती है। खासतौर पर गोल्फ कोर्स रोड और सेक्टर-54 का इलाका देश के अल्ट्रा-हाई-एंड आवासीय बाजार में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।
17 एकड़ में तैयार हो रहा ‘द डहलियास’
डीएलएफ ने अक्टूबर 2024 में गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-5 में ‘द डहलियास’ को लॉन्च किया था। करीब 17 एकड़ में विकसित किए जा रहे इस प्रोजेक्ट में कुल 420 अपार्टमेंट और पेंटहाउस हैं। परियोजना को कंपनी के सबसे महंगे और प्रीमियम आवासीय प्रोजेक्ट्स में शामिल किया जाता है। प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग के बाद से ही देश के बड़े कारोबारी, निवेशक और अल्ट्रा-हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इसकी 65 फीसदी से अधिक यूनिट बिक चुकी हैं। डीएलएफ को इस परियोजना से 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलने की उम्मीद बताई गई है।
कौन हैं पेंटहाउस खरीदने वाले मानव सरदाना?
271 करोड़ रुपये के इस सौदे के खरीदार मानव सरदाना कारोबारी जगत से जुड़े हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह एसबी सरदाना के बेटे हैं। एसबी सरदाना ने 1969 में जगजीत सिंह के साथ इम्पीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज की सह-स्थापना की थी। फरीदाबाद मुख्यालय वाली इम्पीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज ऑटोमोटिव और ऑफ-हाईवे सेक्टर के लिए विभिन्न उत्पाद तैयार करती है। मानव सरदाना इम्पीरियल ऑटो समूह से जुड़ी कई कंपनियों में निदेशक भी हैं।
द डहलियास में पहले भी हुईं करोड़ों की डील
यह पहली बार नहीं है जब ‘द डहलियास’ में किसी आवासीय यूनिट की कीमत ने सुर्खियां बटोरी हैं। अप्रैल 2026 में निवेशक मधुसूदन मुरलीधर केला ने यहां एक अपार्टमेंट करीब 120.71 करोड़ रुपये में खरीदा था। प्रोजेक्ट में कई आवासों की कीमत 100 करोड़ रुपये से ऊपर बताई जाती है। इससे पहले डीएलएफ के गुरुग्राम स्थित ‘द कैमिलियास’ में भी 100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले आवासीय सौदे सामने आ चुके हैं।
गुरुग्राम क्यों बन रहा अमीरों का पसंदीदा ठिकाना?
कोविड महामारी के बाद देश के प्रमुख शहरों में लग्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी घरों की मांग में बदलाव देखने को मिला है। गुरुग्राम और मुंबई इस सेगमेंट के प्रमुख बाजार बनकर उभरे हैं। खासकर गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड, सेक्टर-54 और आसपास के इलाकों में बड़े आकार के अपार्टमेंट और पेंटहाउस की मांग बढ़ी है। अल्ट्रा-रिच खरीदार अब केवल घर का आकार नहीं देखते। लोकेशन, प्राइवेसी, सुरक्षा, आधुनिक सुविधाएं, डिजाइन और एक्सक्लूसिव लाइफस्टाइल भी खरीदारी के अहम मानदंड बन चुके हैं। इसी वजह से 100 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की मांग भी बढ़ी है।
271 करोड़ की डील ने बढ़ाई बाजार की चर्चा
गुरुग्राम में 271 करोड़ रुपये का यह पेंटहाउस सौदा सिर्फ एक महंगी प्रॉपर्टी की बिक्री नहीं है। यह दिल्ली-एनसीआर के बदलते लक्जरी हाउसिंग बाजार का संकेत भी माना जा रहा है। डीएलएफ के प्रीमियम प्रोजेक्ट्स में लगातार हो रही बड़ी डील से पता चलता है कि देश में अल्ट्रा-लग्जरी आवासीय संपत्तियों के लिए एक खास खरीदार वर्ग मौजूद है। डीएलएफ ने इस बिक्री पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया है। हालांकि, अगर 271 करोड़ रुपये की यह डील उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक दर्ज होती है, तो यह भारतीय रियल एस्टेट बाजार में एक बेहद अहम सिंगल-यूनिट आवासीय सौदा साबित होगी।