शहरी विकास और ऊर्जा सुरक्षा से औद्योगिक विकास को मिली नई रफ्तार: मनोहर लाल
केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में हाल की भू-राजनीतिक घटनाओं के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को बनाए रखा है;
वडोदरा। केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में हाल की भू-राजनीतिक घटनाओं के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को बनाए रखा है। यह मजबूती लंबे समय की योजना, बिजली क्षेत्र में सुधार और शहरी ढांचे में निवेश के कारण संभव हुई है।
वडोदरा में सेंट्रल गुजरात के वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि भरोसेमंद ऊर्जा प्रणाली, आधुनिक शहर और जवाबदेह शासन मिलकर सतत औद्योगिक विकास और निवेशकों के विश्वास की नींव बनाते हैं।
हाल की अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की तैयारी ने देश को वैश्विक अनिश्चितता से बचाए रखा है।
उन्होंने कहा कि हालांकि पश्चिम एशिया सहित हाल की वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं के बावजूद हमने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखा और मजबूत किया है। हमारी आर्थिक स्थिरता भी बनी रही है। जहां कई देशों में अस्थिरता और उतार-चढ़ाव देखा गया, वहीं भारत ने आत्मविश्वास के साथ स्थिरता बनाए रखी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिजली वितरण क्षेत्र में किए गए सुधारों से वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल रही हैं।
उन्होंने कहा, ''हमने वितरण क्षेत्र में बड़े सुधार लागू किए हैं। इसके परिणामस्वरूप लंबे समय से घाटे में चल रही वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल रही हैं और यह क्षेत्र आर्थिक रूप से अधिक टिकाऊ हुआ है, जिससे भविष्य में निवेश के अधिक अवसर बने हैं।''
मनोहर लाल ने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा केवल औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेशक अब शहरों की सेवाओं की गुणवत्ता को भी ध्यान में रखते हैं।
उन्होंने कहा, ''जब कोई निवेशक किसी राज्य का चयन करता है, तो वह केवल प्रोत्साहन योजनाओं को नहीं देखता, बल्कि यह भी देखता है कि वहां कर्मचारियों के लिए आवास, परिवहन, पानी, सीवरेज, डिजिटल गवर्नेंस और स्वच्छता जैसी सुविधाएं कैसी हैं।''
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने शहरी विकास को आर्थिक विकास के साथ जोड़ा है और शहरों को विकास, नवाचार और रोजगार के केंद्र के रूप में देखा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि देशभर में 1.27 करोड़ घरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 98.65 लाख घर पूरे कर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि गुजरात में 11.5 लाख से अधिक घरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 10 लाख से अधिक घर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। अमृत योजना के तहत गुजरात को 28 लाख नए पेयजल कनेक्शन और 42.47 लाख सीवरेज कनेक्शन मिले हैं।
मंत्री ने भारत के शहरी परिवहन नेटवर्क पर भी प्रकाश डाला और बताया कि अब 29 शहरों में मेट्रो रेल सेवा चालू है।
उन्होंने कहा, ''भारत में आज 1,155 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क है, जो चीन और अमेरिका के बाद दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है।''
उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम शहरी आवागमन में तेज गति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
वित्तीय समावेशन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत 76 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण दिया गया है।
उन्होंने कहा, ''40 लाख से अधिक लाभार्थियों ने अपना ऋण समय पर चुका दिया है और अपने व्यवसाय का विस्तार किया है। लगभग 8 लाख लोग तीनों चरणों के लोन का लाभ लेकर अब पीएम मुद्रा जैसी बड़ी योजनाओं की ओर बढ़ चुके हैं।''
मंत्री ने कहा कि बेहतर आवास, परिवहन और शहरी सेवाएं सीधे औद्योगिक उत्पादकता को बढ़ाती हैं। उन्होंने गुजरात की शहरी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि अहमदाबाद को भारत का सबसे स्वच्छ बड़ा शहर और सूरत को सुपर स्वच्छता लीग में स्थान मिला है।
मनोहर लाल ने गुजरात को भारत के विकास मॉडल का उदाहरण बताते हुए कहा कि राज्य की औद्योगिक नीति, उन्नत विनिर्माण, एमएसएमई, हरित विकास, नवाचार और महिला नेतृत्व विकास इसे निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाते हैं।
उन्होंने निवेशकों को गुजरात में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार और निवेशकों के बीच संबंध केवल औपचारिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी होने चाहिए।