पीएम मोदी शनिवार को 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में लेंगे हिस्सा : जीतू वाघाणी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में शामिल होंगे। इस दौरान सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक आयोजित की जाएगी। यह जानकारी शुक्रवार को गुजरात सरकार के प्रवक्ता एवं मंत्री जीतू वाघाणी ने दी

Update: 2026-01-09 18:11 GMT

सोमनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में शामिल होंगे। इस दौरान सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक आयोजित की जाएगी। यह जानकारी शुक्रवार को गुजरात सरकार के प्रवक्ता एवं मंत्री जीतू वाघाणी ने दी।

मंत्री जीतू वाघाणी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारत के स्वाभिमान और आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित 72 घंटे का ओमकार जाप पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रहा है। यह पर्व देश की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने का संदेश देता है।

मंत्री वाघाणी ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महमूद गजनवी द्वारा किए गए आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी भारतीय आस्था का अडिग प्रतीक बना हुआ है। जब देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्पष्ट किया था कि सरकारी धन से मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद लौह पुरुष सरदार पटेल ने दृढ़ संकल्प के साथ सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार सुनिश्चित किया, जो आज राष्ट्र के आत्मसम्मान का प्रतीक है।

उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी शनिवार शाम 5:30 बजे सोमनाथ की पवित्र भूमि पर पहुंचेंगे। इस दौरान सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक आयोजित की जाएगी और करीब तीन हजार ड्रोन शो के माध्यम से भव्य दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया और संवारा गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में पूरी टीम और प्रशासन ने मिलकर अल्प समय में यह अद्भुत आयोजन संभव बनाया है, जिसके लिए उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं।

जीतू वाघाणी ने कहा कि पांच दिनों में तैयार किया गया यह दिव्य वातावरण भगवान शिव की ऊर्जा का अनुभव कराता है। 72 घंटे का ओमकार जाप श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी इसके बाद राजकोट भी जाएंगे।

मंत्री ने देशवासियों से इस आयोजन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह पर्व किसी एक दल या वर्ग का नहीं, बल्कि सभी के स्वाभिमान का पर्व है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और आम जनता को इसमें सहभागी बनने का न्योता दिया। आयोजन के दौरान लंगर की व्यवस्था की गई है, जबकि 11 जनवरी को 'शौर्य' यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों लोग भाग लेंगे।

उन्होंने बताया कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत महारास, भजन मंडलियां और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके लिए 32 मंच तैयार किए गए हैं, जिन पर 16 राज्यों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। 8 से 10 जनवरी तक लगातार विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जो देश की एकता और सांस्कृतिक विविधता को दर्शा रहा है।

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