राजद में परिवारवाद हावी, रोहन गुप्ता का तेजस्वी यादव पर तंज
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर तंज कसा
भाजपा नेता बोले: बिहार की जनता वंशवाद और जंगलराज को नकार चुकी है
- ऑपरेशन सिंदूर पर रोहन गुप्ता का बयान: दुश्मन को घर में घुसकर जवाब देने वाला भारत
- कांग्रेस पर हमला: दरबारी संस्कृति और वोट चोरी का आरोप
- खड़गे की ताजपोशी को दिखावा बताया, कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव पर रोहन गुप्ता का निशाना
अहमदाबाद। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि राजद में परिवारवाद को प्राथमिकता दी गई।
अहमदाबाद मेंभाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि बिहार में पारिवारिक राजनीति की कमान अब अगली पीढ़ी संभाल रही है। बिहार की जनता तय करेगी कि कौन सी पार्टी वास्तव में विकास के प्रति प्रतिबद्ध है और कौन अब भी वंशवाद, कुशासन या केवल प्रचार की राजनीति में उलझी हुई है।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता परिवारवाद, भ्रष्टाचार और जंगलराज को नकार चुकी है। बिहार विधानसभा चुनाव हमारे सामने सटीक उदाहरण है। जनता को विकास और राष्ट्र की बात करने वाली पार्टी पर भरोसा है।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बयान पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि यह वह भारत नहीं है जहां कोई हम पर हमला करे और हम सिर्फ डोजियर सौंपकर संतुष्ट हो जाएं। यह ऐसा भारत है जिसमें दुश्मन के इलाके में घुसकर जवाब देने की ताकत है। यह वह भारत है कि आंख उठाकर देखेगा तो घर में घुसकर मारेंगे। हम किसी पर हमला नहीं करते, लेकिन अगर कोई करेगा तो हम छोड़ेंगे नहीं। ऑपरेशन सिंदूर करके हमने दिखाया कि कैसे जवाब दिया जाता है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर के बयान पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि कभी भी पार्टी के नेता छोड़कर जाते हैं तो मैं कहूंगा कि आत्ममंथन करने की जरूरत है। कांग्रेस में दरबारी संस्कृति है। दरबारी पार्टी को चलाते हैं तो उनके भविष्य पर क्या बात करें? बिहार में कांग्रेस की हार हुई, क्या कदम उठाए गए? वोट चोरी पर ठीकरा फोड़ दिया गया। बिहार में किसी भी नेता के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया।
पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद के बयान पर रोहन गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव सिर्फ दिखावे का था। जब तय था कि अध्यक्ष पद के लिए खड़गे को चुनना है तो चुनाव कराने का ढोंग क्यों, जिसे वोट करना है, वह भी वोट न कर पाए तो यह असल में वोट चोरी और कांग्रेस की हकीकत है।