गुजरात की कलाकार शाहीना गांधी ने पीएम मोदी को भेंट की एगेट स्टोन से बनी अनोखी कलाकृति

गुजरात के वडोदरा की एगेट स्टोन कलाकार शाहीना सिकंदर गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राकृतिक रंगों वाले एगेट पत्थरों से बनी एक विशेष कलाकृति भेंट की। इस कलाकृति में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को दर्शाया गया है।;

Update: 2026-11-02 17:15 GMT

वडोदरा। गुजरात के वडोदरा की एगेट स्टोन कलाकार शाहीना सिकंदर गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राकृतिक रंगों वाले एगेट पत्थरों से बनी एक विशेष कलाकृति भेंट की। इस कलाकृति में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को दर्शाया गया है।

करीब 40 वर्षों से इस कला से जुड़ी शाहीना गांधी को दुनिया की पहली एगेट चिप्स वॉल आर्टवर्क बनाने के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नामांकन भी मिला है।

आईएएनएस से बातचीत में शाहीना ने बताया कि नामांकन से पहले यह जांच की गई थी कि क्या किसी और ने इस तरह की कला बनाई है। उन्होंने कहा, "यह देखा गया कि क्या किसी अन्य व्यक्ति ने इस तरह की कला बनाई है। जांच के बाद मुझे इस कला शैली को सबसे पहले बनाने के लिए सम्मानित किया गया।"

शाहीना गांधी ने कहा कि अपनी कलाकृति प्रधानमंत्री मोदी को भेंट करना उनके और उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण था। उन्होंने अपनी और प्रधानमंत्री मोदी की एक तस्वीर भी दिखाई, जिसे प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया था। तस्वीर में शाहीना कलाकृति पकड़े हुए नजर आ रही हैं और प्रधानमंत्री उसे स्वीकार करने से पहले देख रहे हैं।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मेरी कलाकृति को स्वीकार करना मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत गर्व की बात है। मैंने उन्हें जो चित्र भेंट किया, उसमें पूरी राष्ट्रीय एकता दिवस परेड को दर्शाया गया है। मुझे राष्ट्रीय एकता दिवस पर निकाली गई रैली से प्रेरणा मिली थी।"

इस कलाकृति में एक सुंदर प्राकृतिक दृश्य के साथ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भी दिखाया गया है। पूरी रचना एगेट पत्थरों से तैयार की गई है।

शाहीना ने बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से ऐसी कलाकृतियां बना रही हैं और अब तक 500 से 600 कलाकृतियां तैयार कर चुकी हैं। किसी कलाकृति को पूरा करने में लगने वाला समय उसके आकार और बारीक काम पर निर्भर करता है।

उनकी सबसे खास रचनाओं में भारत के नक्शे पर आधारित एक कलाकृति भी शामिल है, जिसमें हर राज्य की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर को दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि इस कलाकृति को तैयार करने में एक साल का समय लगा था।

प्रधानमंत्री मोदी से अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए शाहीना गांधी ने बताया कि उन्होंने तब भी उन्हें भारत के नक्शे वाली एगेट कलाकृति भेंट करने की कोशिश की थी। प्रधानमंत्री ने उसकी सराहना की थी लेकिन उसका आकार बहुत बड़ा होने के कारण उस समय उसे उपहार के रूप में स्वीकार नहीं कर सके थे।

बाद में उन्हें भारत पर्व 2026 में सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज की पहल के माध्यम से प्रधानमंत्री से दोबारा मिलने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने अपनी नई कलाकृति भेंट की, जिसे प्रधानमंत्री ने सराहा और स्वीकार किया।

शाहीना गांधी ने बताया कि उनकी कलाकृतियों की कीमत 5,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक होती है। कीमत कलाकृति की बारीकी और जटिलता के आधार पर तय होती है।

उन्होंने कहा कि एगेट स्टोन कला को बनाने में बेहद धैर्य और सटीकता की जरूरत होती है, क्योंकि पूरी डिजाइन छोटे-छोटे पत्थरों के टुकड़ों को जोड़कर बनाई जाती है। इस कला की खास बात यह है कि इसमें पत्थरों के प्राकृतिक रंगों का उपयोग होता है और किसी कृत्रिम रंग का प्रयोग नहीं किया जाता।

शाहीना ने बताया कि उन्होंने यह कला कहीं से औपचारिक रूप से नहीं सीखी बल्कि खुद अपने प्रयासों से सीखी है। उन्होंने कहा, "अल्लाह की कृपा से मैंने यह कला कहीं से नहीं सीखी। मैंने इसे खुद सीखा है।"

उनका घर उनके चार दशक लंबे कलात्मक सफर की गवाही देता है। घर की दीवारों पर विभिन्न संस्थाओं से मिले पुरस्कार और सम्मान सजे हुए हैं।

अपनी बारीक और अनूठी कलाकृतियों के माध्यम से शाहीना गांधी ने एक विशिष्ट कला शैली विकसित की है, जो प्राकृतिक सामग्री, मेहनत से की गई कारीगरी और भारत की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को एक साथ प्रस्तुत करती है।

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