हरिहरपुर के सुर और साज को नई ऊंचाई पर ले जाएगी सरकार

आजमगढ़ स्थित हरिहरपुर घराने के सुर और साज को योगी सरकार नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी

Update: 2022-08-04 22:58 GMT

लखनऊ। आजमगढ़ स्थित हरिहरपुर घराने के सुर और साज को योगी सरकार नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। गुरुवार को हरिहरपुर के अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल सुर और ताल के जगत में इस घराने के योगदान को सराहा, बल्कि यहां के सुर एवं साज को बुलंदी पर ले जाने के बाबत कई घोषणाएं भी कीं। इस क्रम में उन्होंने हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय खोंलने, आवागमन सुलभ करने के लिर हरिहरपुर को चार लेन की सड़क से जोड़ने और वहां के प्राचीन शीतलामाता मंदिर के सुंदरीकरण की भी घोषणा की।

मालूम हो कि इसके पूर्व भी 28 जून को शीर्ष अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि आजमगढ़ का हरिहरपुर संगीत साधकों की पुरातन स्थली है। संगीत जगत के लब्ध प्रतिष्ठ लोगों से परामर्श कर उनकी मंशानुरूप यहां कला-संगीत साधकों के हित में आवश्यक प्रस्ताव तैयार किया जाए।

बात विरासत की करें तो इस लिहाज उत्तर प्रदेश बेहद संपन्न है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपने पहले कार्यकाल से ही इस तरह की विरासतों को सहेजने और संवर्धन देने की रही है। इसी नाते लोककल्याण संकल्प पत्र 2022 में विरासत से जुड़ी जगहों के लिए कई घोषणाएं की थीं। मसलन स्वर कोकिला लता मंगेशकर की याद में उनके नाम पर परफॉर्मिग आर्ट्स अकादमी की स्थापना। सूरदास ब्रजभाषा अकादमी, तुलसीदास अवधी अकादमी, केशवदास बुंदेली अकादमी, संत कबीरदास भोजपुरी अकादमी आदि की स्थापना आदि।

मुख्यमंत्री ने हरिहरपुर को लेकर जो निर्णय लिया है वह भी विरासत को संजोने की ही एक कड़ी है। प्रदेश की तरह ही विरासत के लिहाज से आजमगढ़ की धरती बेहद संपन्न है। देश-दुनिया में संगीत में अपना एवं भारत का नाम रोशन करने वाले पद्मविभूषण पंडित छन्नू मिश्रा हरिहरपुर घराने के ही थे। महान साहित्यकार राहुल सांस्कृत्यायन, कवि अयोध्या सिंह हरिओम, शायर कैफी आजमी का भी ताल्लुक आजमगढ़ से है। राजनीतिक उपेक्षा के कारण आजमगढ़ को वो पहचान नहीं मिली जिसका वो हकदार था। उल्टे पूरे दुनिया में बदनाम हो गया। विभिन्न दलों के लोग यहां से जीते पर जीतने के बाद किया कुछ नहीं।

पहली बार आजमगढ़ के समग्र विकास को ध्यान में रखकर योगी सरकार ने काम शुरू किया है। यहां के उच्च शिक्षा के परि²श्य को बदलने के लिए अत्याधुनिक बुनियादी सुविधाओं से युक्त वैश्विक स्तर का विश्वविद्यालय महाराज सुहेलदेव के नाम से बन रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद प्रदेश, देश की राजधानी और अन्य प्रमुख महानगरों से जुड़ने से इसकी तरक्की की रफ्तार तेज होगी। एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद यहां के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सस्ते में अत्याधुनिक इलाज की सुविधा भी मिलेगी।

एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) घोषित होने के बाद यहां के ब्लैक पॉटरी का जलवा पूरी दुनिया में है। अभी हालिया जी-7 समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्लैक पॉटरी के उत्पाद जापान के प्रधानमंत्री को भेंट किया।

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