गौतमबुद्ध विवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का होगा प्रयास
गे्रटर नोएडा । नोएडा व ग्रेटर नोएडा को उत्तर प्रदेश के विकास का सिरमौर माना जाता है। देखा जाए तो प्रदेश के किसी भी हिस्से का उतना विकास नहीं हुआ जितना इन दोनों शहरों का हुआ।;
बेरोजगारों को रोजगार, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा व अपराध पर अंकुश लगाने को लेकर जेवर से निर्वाचित भाजपा विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने देशबन्धु के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ब्यूरो चीफ देवेंद्र सिंह से बेवाक बातचीत
गे्रटर नोएडा । नोएडा व ग्रेटर नोएडा को उत्तर प्रदेश के विकास का सिरमौर माना जाता है। देखा जाए तो प्रदेश के किसी भी हिस्से का उतना विकास नहीं हुआ जितना इन दोनों शहरों का हुआ। इसी विकास की आड़ में पिछले दस सालों में सरकारों ने इन दोनों शहरों को दुधारू गाय के रूप में लूटने का प्रयास किया। विकास की आड़ में बिल्डरों, अधिकारियों व नेताओं ने अपनी कमाई का अड्डा बना लिया है। इसलिए दस साल के दौरान इन दोनों शहरों का उतना विकास नहीं हुआ जिस उम्मीद के साथ इन दोनों शहरों के विकास की नींव रखी गई थी। नोएडा व ग्रेटर नोएडा से हटकर अगर दादरी व जेवर के ग्रामीण क्षेत्रों को देखा जाए तो लगता है कि ये क्षेत्र शहरों के हिस्से नहीं है। दोनों शहरों की पहचान एजूकेशन हब के रूप में होती हैं। सैकड़ों प्रबंधन व तकनीकी कॉलेज व निजी विश्व विद्यालय है। लेकिन इसका लाभ गौतमबुद्धनगर के किसानों के बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। सस्ती शिक्षा न होने के कारण इन निजी कॉलेजों के किसानों के बच्चों का प्रवेश नहीं होता है। स्नातक व परास्नातक की शिक्षा ग्रहण करने के लिए जिले के लडक़ों व लड़कियों को अभी दिल्ली की तरफ रूख करना पड़ता है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा में तीन औद्योगिक विकास प्राधिकरण होने के बाद भी स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। जिन उद्यमियों ने इन शहरों में निवेश किया आज वह बढ़ते अपराध को लेकर भयभीत है। बदमाशों के कई ऐसे गैंग है जो शहर में समांतर सरकार चलाते हैं, उद्यमियों से रंगदारी मांगते है, रंगदारी न देने के कारण कई व्यापारियों की हत्या हो चुकी है, कई औद्योगिक इकाईयां बंद हो चुकी है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद अब उम्मीद जगी है कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार तेज होगी साथ ही आसपास क्षेत्रों में भी विकास की अलख जगेगी।
सवाल : विधायक के तौर पर आपकी पहली प्राथमिकता क्या होगी
-पिछले कई सालों से जेवर में एयरपोर्ट बनाने की बात चल है, अब एयरपोर्ट को मंजूरी दिलाने की उनकी प्राथमिकता में शामिल है। एयरपोर्ट बनने से आसपास औद्योगिक इकाईयां लगेगी व ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा।
सवाल : नोएडा व ग्रेनो में पिछले कुछ सालों में सुविधा व अपराध के कारण कई औद्योगिक इकाईया पलायन कर चुकी है, ऐसे में अब उद्यमियों को कैसे भरोसा दिलाएंगे
- सच्चाई है कि सुविधा न मिलने के कारण औद्योगिक इकाईया पलायन की है। उद्यमियों से रंगदारी मांगी जाती है। विधायक बनने के बाद कई उद्यमियों ने मिलकर यह बात रखी। मेरा कहना साफ है कि उद्यमी अब भय मुक्त होकर काम करें, अगर कोई रंगदारी मांगता है तो भयभीत होकर चुपचाप न बैठे, ऐसे लोगों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उद्यमियों को सुविधा भी प्रदान की जाएगी। प्राधिकरणों में उद्यमियों को भटकना नहीं पड़ेगा।
सवाल : जिले में लड़कियों के लिए डिग्री कॉलेज नहीं है, स्नातक व परास्नातक के लिए लोगों को अभी दिल्ली जाना पड़ता है।
- यह सही है कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा में सिर्फ निजी कॉलेज है, उनकी शिक्षा काफी महंगी है।, जेवर में लड़कियों के लिए डिग्री बनाने की बात वह मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। जाति व धर्म के बजाय छात्रों को प्रतिभा के आधार पर छात्रवृत्ति देने का मामला भी विधानसभा में उठाएंगे। साथ ही ग्रेटर नोएडा में बना गौतमबुद्ध विवि एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनकर रह गई है। सारी सुविधा होने के बाद भी वह शैक्षिक गुणवत्ता नहीं है। मुख्यमंत्री के सामने यह प्रस्ताव रखेंगे कि गौतमबुद्ध विश्व विद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग रखेंगे
सवाल : जेवर, रबूपुरा क्षेत्र में संपर्क मार्गों की हालत काफी खराब है। जेवर में जाम एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इसका समाधान कैसे कराएंगे।
- विधायक बनने के साथ सबसे पहले मैने संपर्क मार्गों के मरम्मत की तरफ ध्यान दिया। खरेली में अभी जलभराव व टूटी सडक़ की मरम्मत प्राधिकरण से कहकर कराया। साथ ही जेवर व रबूपुरा संपर्क बनाने के लिए जल्द काम शुरू होगा। जेवर में जाम की समस्या के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के सीईओ से बात हो गई, प्राधिकरण ने 35 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है।
सवाल : नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण में व्याप्त भ्रष्टाचार व कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए विधायक के तौर पर क्या कदम उठाएंगे।
-इस संबंध में नोएडा विधायक पंकज सिंह व दादरी विधायक मास्टर तेज नागर से वार्ता हुई है। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में जनप्रतिनिधि को भी सदस्य के तौर पर शामिल किया जाए। तीनों विधायक मिलकर यह मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे।