देश के लिए मिसाल घुघसीडीह सुलह केंद्र

उतई ! कीमती समय में से समय निकालकर लोगों की नि:शुल्क सेवा कर रहे हैं। यही सच्ची मानवता है। साथ ही लोगों को मुफ्त में सुलह कराकर मतभेदों को दूर कर भाईचारा को बढ़ावा दे रहे हैं।

Update: 2017-02-23 22:12 GMT

घुघसीडीह के सुलह केंद्र का तीन राज्यों की टीम ने निरीक्षण किया
उतई !  कीमती समय में से समय निकालकर लोगों की नि:शुल्क सेवा कर रहे हैं। यही सच्ची मानवता है। साथ ही लोगों को मुफ्त में सुलह कराकर मतभेदों को दूर कर भाईचारा को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसा घुघसीडीह का सुलह केंद्र देश के लिए मिसाल है। उक्त बातें सुलह केन्द्र का निरीक्षण करने आई टीम के रीजनल डायरेक्टर डीएम गढ़वाल  ने  कही।
 ग्राम घुघसीडीह के सुलह केंद्र का आज तीन राज्यों के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों ने अवलोकन किया। इस टीम में 40 अधिकारियों के दल शामिल हंै जो देश के प्रथम सुलह केंद्र के कार्यों को देखा । सुलह केंद्र के सदस्यों से चर्चा की। उनके नि:शुल्क योगदान की जमकर तारीफ की।
10 दिसम्बर, 2011 को ग्राम घुघसीडीह में प्रदेश के विधि सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस आईएम कुद्दूसी ने इस सुलह केंद्र का उद्घाटन किया था। शासन की मंशा थी कि इस सुलह केंद्र में आसपास के लोगों के छोटे मोटे झगड़े, पारिवारिक विवाद जैसे मामलों को सुनकर सुलह कराना उद्देश्य था। कल्याण कालेज भिलाई के सहयोग से संचालित इस सुलह केंद्र में अब तक 243 प्रकरण पंजीबद्ध है। जिसमें से 170 प्रकरणों में सुलह कराई गई है । शेष प्रकरण विचारणीय है।
सुलह केंद्र में उतई के पूर्व सरपंच खुमान साहू , मचांदुर के पूर्व जनपद सदस्य दुर्गा सिंग बैस, निरंजन राजपूत, पण्डित नारायण प्रसाद सोनके, यशवंत मंडले, जय प्रकाश रजक, झाडूराम वर्मा सदस्य हंै। सुलह केंद्र के संयोजक ग्राम के सरपंच प्रहलाद चंद्राकर है।
सुलह केंद्र में लोग सस्ती सुलभ न्याय पाने आते हं । जिन्हें एक ही तारीख में दोनों पक्षों को बुलाकर आपस में सुलह कराई जाती है। यहां लडक़ा-लडक़ी विवाद, आपसी लेनदेन, सास-बहू झगड़ा, भाइयों में जमीन विवाद जैसे मामले सुलझाये गए हंै।
हर रविवार ग्राम पंचायत भवन में यह केंद्र संचालित होता है। इनके कार्यों को देखकर ही आज राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उड़ीसा और मध्यप्रदेश से जुड़े 40 कॉलेजों के कार्यक्रम अधिकारी सुलह केंद्र के निरीक्षण करने आये थे। सुलह केंद्र के कार्यों को देखकर सभी ने सराहना की। टीम ने माना कि इस प्रकार के केंद्र हर ब्लाक में होनी चाहिए जिससे लोगों में आपसी सद्भाव कायम रहे। लोग छोटे-मोटे झगड़ों को लेकर सालों तक कोर्ट और वकील के चक्कर लगाते हैं। इससे उनके धन और समय दोनों की बचत होगी।
राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान श्रीपेरम्बदूर भारत सरकार युवा मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा सामाजिक सद्भाव राष्ट्रीय एकता एवं मानव अधिकार पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों के लिए भिलाई कल्याण कॉलेज में 18 से 22 फरवरी तक प्रशिक्षण कार्यशाला लगा है। जिसके तहत आज कल्याण कॉलेज के सहयोग से चल रहे सुलह केंद्र को दिखाया गया है।
40 सदस्यीय टीम के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के रीजनल डायरेक्टर डीएम गढ़वाल, दुर्ग यूनिवर्सिटी के समन्वयक डॉक्टर आरपी अग्रवाल एवं जिला समन्वयक विनय शर्मा शामिल हैं। टीम को सरपंच प्रहलाद चंद्राकर ने 6 सालों के कार्यों और उपलब्धियों से अवगत कराया।
रीजनल डायरेक्टर डीएम गढ़वाल ने कहा की घुघसीडीह के सुलह केंद्र देश के लिए मिसाल है जहां लोगों को मुफ्त में सुलह कराकर आपसी मतभेदों को दूर कर भाई चारे को बढ़ावा दे रहे हंै। यहां के सदस्य जो अपनी कीमती समय निकाल कर लोगों को नि:शुल्क सेवा कर रहे हंै। यही सच्ची मानव सेवा है। कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ सैकड़ों की संख्या में महिला कमांडो की टीम उपस्थित थे।

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