व्हाइट हाउस में ट्रंप के इवेंट में हमले की साजिश नाकाम, एफबीआइ ने पांच संदिग्धों को किया गिरफ्तार
अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम को निशाना बनाने की कथित साजिश को विफल कर दिया है। मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है।;
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई संभावित सुरक्षा खतरे की जानकारी मिलने के बाद शुरू की गई थी। जांच एजेंसियों ने कई राज्यों में छापेमारी कर संदिग्धों को हिरासत में लिया और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
कई राज्यों में की गई गिरफ्तारियां
मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों को ओहायो, मिसौरी और कैलिफोर्निया समेत विभिन्न राज्यों से पकड़ा गया है। बताया गया है कि सुरक्षा एजेंसियों को 10 जून के आसपास संभावित खतरे की सूचना मिली थी, जिसके बाद निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया गया।
एफबीआई का कहना है कि समय रहते जुटाई गई खुफिया जानकारी और एजेंसियों के समन्वय ने किसी भी संभावित खतरे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ड्रोन और हथियारों के इस्तेमाल की आशंका
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि कुछ संदिग्ध कथित तौर पर कार्यक्रम के दौरान ड्रोन और अन्य हथियारों का उपयोग कर अफरा-तफरी फैलाने की योजना बना रहे थे। हालांकि, अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पूरी योजना और सबूतों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
न्याय विभाग द्वारा दायर आरोपों के अनुसार, मामले में शामिल कुछ लोगों के पास हथियार और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद मिलने की भी जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या संदिग्ध किसी संगठित नेटवर्क या चरमपंथी समूह से जुड़े हुए थे।
ट्रंप के कार्यक्रम से जुड़ी थी सुरक्षा चिंता
रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला उस कार्यक्रम से जुड़ा है जिसमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की मौजूदगी चर्चा का विषय थी। सुरक्षा एजेंसियों ने कार्यक्रम के दौरान किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती थी।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ऐसे मामलों में कई स्तरों पर निगरानी और जोखिम मूल्यांकन किया जाता है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
उपराष्ट्रपति वेंस ने जताई चिंता
अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से जानकारी साझा की है, तो यह संकेत हो सकता है कि मामला गंभीर प्रकृति का था।
फिलहाल एफबीआई, न्याय विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, आरोपों और साजिश के कथित नेटवर्क से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।