यूजीसी-नेट री-एग्जाम पर राहुल गांधी का हमला, बोले- गलती एटीए की तो सजा छात्रों को क्यों?
यूजूसी नेट 2026 री-एग्जाम पर राहुल गांधी ने एनटीए और मोदी सरकार को घेरा। अंग्रेजी, कामर्स और समाजशास्त्र की परीक्षा सितंबर में दोबारा होगी। जानें पूरी जानकारी।;
'गलती एनटीए की, सजा छात्रों को क्यों?'
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यूजीसी नेट की परीक्षा देने वाले हजारों छात्रों ने लंबे समय तक तैयारी की, आवेदन शुल्क जमा किया और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए यात्रा की। अब परीक्षा दोबारा होने के कारण उन्हें एक बार फिर उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि "गलती एनटीए करता है, लेकिन सजा छात्र भुगतते हैं।" राहुल ने सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए इसे छात्रों के समय, पैसे और मेहनत पर भारी पड़ने वाली व्यवस्था बताया।
एनटीए से पूछा- क्या परीक्षा से पहले पेपर लीक हुआ था?
राहुल गांधी ने एनटीए से परीक्षा में हुई गड़बड़ी के अलावा एक अहम सवाल का जवाब भी मांगा। उन्होंने पूछा कि क्या संबंधित प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हुए थे। कांग्रेस नेता ने कहा कि केवल परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
उन्होंने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जाती। राहुल गांधी ने मांग की कि एजेंसी के शीर्ष अधिकारियों से भी जवाब मांगा जाए।
सितंबर में दोबारा होगी तीन विषयों की परीक्षा
एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कामर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षाएं दोबारा कराने का ऐलान किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन विषयों की परीक्षा में प्रश्नपत्र से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। कामर्श का पेपर 9 सितंबर को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा। वहीं समाजशात्र की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी।
'छात्र समस्या नहीं हैं'
राहुल गांधी ने दोबारा परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों से कहा कि उन्हें खुद को इस समस्या के लिए जिम्मेदार नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था की कमियों का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि यह जवाबदेही की दिशा में केवल पहला कदम होना चाहिए। उन्होंने एनटीए लीडरशीप अकाउंटबिलिटी की मांग करते हुए कहा कि जब तक परीक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी तय नहीं होगी, छात्रों की समस्याएं बनी रहेंगी।