नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर तेजस्वी यादव ने कहा- यह जनता के साथ धोखा

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के साथ हमारी सहानुभूति है। बीजेपी बिहार में महाराष्ट्र मॉडल लागू कर रही। हमने पहले ही कहा था नीतीश अब सीएम नहीं रहेंगे। बीजेपी रबर स्टैंप वाला सीएम बनाती है।

Update: 2026-03-05 07:24 GMT

पटना। बिहार की राजनीति में आज ऐतिहासिक दिन होने वाला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा जा रहे हैं। नीतीश कुमार ने खुद ही राज्यसभा जाने की पुष्टि कर दी। इधर पटना में 'नीतीश कुमार राज्यसभा के हैं' पोस्टर लगे हैं। वहीं नीतीश के राज्यसभा जाने को लेकर पटना में जेडीयू के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। वहीं तेजस्वी यादव ने नीतीश के राज्यसभा जाने पर कहा कि नीतीश के साथ हमारी सहानुभूति है। भाजपा ने बिहार में महाराष्ट्र मॉडल लागू किया है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के साथ हमारी सहानुभूति है। बीजेपी बिहार में महाराष्ट्र मॉडल लागू कर रही। हमने पहले ही कहा था नीतीश अब सीएम नहीं रहेंगे। बीजेपी रबर स्टैंप वाला सीएम बनाती है।'

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार चुनाव में जिस तरह भाजपा ने मशीन तंत्र का दुरुपयोग किया, उसे जनता ने देखा। बिहार में जन भावना के खिलाफ सत्ता का परिवर्तन हो रहा है। बिहार में कौन अधिकारी, मंत्री और केंद्र के किस नेता ने नीतीश कुमार को हाईजेक कर लिया है? वह जनता जानती है। यह जनता के साथ धोखा है। एनडीए ने नारा दिया था कि "2025 से 2030 फिर से नीतीश"। लेकिन, भाजपा का लालच देखिए किस तरह से नीतीश कुमार से इस्तीफा दिलवाया जा रहा है। भाजपा वाले चाहते हैं जनता दल यूनाईटेड खत्म हो जाए। निशांत कुमार ने राजनीति में आने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि हमलोग पहले से ही कहते रहे हैं उन्हें राजनीति में आना चाहिए। 

रोहिणी आर्चाय ने इसे अवसरवाद की राजनीति का नतीजा बताया

रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा कि 'अपनों के साथ बारम्बार बेवफाई करने वाले नीतीश कुमार जी .. खुद के गर्त में धकेले जाने और अपनी बदहाली के आप खुद जिम्मेदार हैं. आपके साथ आज जो हो रहा आप उसके ही हक़दार हैं ..आज अवसरवादिता के शिखर पुरुष नीतीश कुमार को जैसा निर्णय लेने के लिए भाजपा के द्वारा मजबूर किया गया , ये तो 28 जनवरी, 2024 को ही तय हो गया था , जब नीतीश कुमार जी ने गुलाटी मारने की अपने जगजाहिर कौशल की पुनरावृत्ति करते हुए महागठबंधन, इंडिया अलायन्स का साथ छोड़ा था। कुर्सी से चिपके रहने की अपनी स्वभावतः मज़बूरी की वजह से ही आज नीतीश कुमार जी उस भाजपा के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं , जो अपने सहयोगियों की राजनीतिक कब्र खोदने और उनको दफनाने के लिए ही जानी जाती है।

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जी का जो हश्र भाजपा ने किया, नीतीश कुमार जी उससे भी नहीं चेते और अपने पुराने समाजवादी साथियों के बार - बार आगाह करने के बावजूद खुद ही कब्र सरीखी भाजपा की गोद में जा बैठे। अपने ही विनाश के लिए भाजपा के द्वारा जारी तुगलकी फरमान पर अपनी रजामंदी देने वाले नीतीश कुमार जी के बारे में अब दो बातें तो जाहिर एवं साबित होती हैं " नीतीश कुमार जी की सोचने - समझने की शक्ति पूरी तरह से क्षीण हो चुकी है और नीतीश कुमार जी की कोई बहुत कमजोर नस भाजपा ने जरूर दबा रखी है".

 निशांत कुमार संभालेंगे जदयू की कमान, डिप्टी सीएम भी बनेंगे

सीएम नीतीश कुमार से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत कुमार से मुलाकात करने पहुंचे हैं। ललन सिंह निशांत से आगे की योजना पर चर्चा कर रहे हैं। निशांत की भूमिका क्या होगी? उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा? यह सब पर ललन सिंह बातचीत कर रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि निशांत कुमार को जनता दल यूनाईटेड की कमान संभालेंगे। वहीं उन्हें डिप्टी सीएम बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

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