भारत में स्टारलिंक को बड़ा झटका, सुरक्षा एजेंसियों ने मंजूरी पर लगाई रोक, एलन मस्क की बढ़ी मुश्किलें
भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियों ने एलन मस्क की स्टारलिंक सेवा को अंतिम परिचालन मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। ईरान में बिना लाइसेंस इंटरनेट सेवा के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा चिंताएं सामने आई हैं।;
नई दिल्ली। अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक को भारत में बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार की सुरक्षा एजेंसियों ने कंपनी को अंतिम परिचालन मंजूरी देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि हाल के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों के कारण यह फैसला लिया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों ने उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाओं के संभावित उपयोग और नियंत्रण को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। इसके चलते स्टारलिंक की भारत में व्यावसायिक शुरुआत फिलहाल अधर में लटक गई है।
ईरान में इस्तेमाल को लेकर बढ़ी चिंता
सूत्रों के मुताबिक, ईरान में इंटरनेट प्रतिबंधों के दौरान स्टारलिंक टर्मिनलों के जरिए इंटरनेट सेवाएं सक्रिय रहने की खबरों ने भारतीय एजेंसियों का ध्यान खींचा है। बताया गया कि कंपनी के पास ईरान में आधिकारिक लाइसेंस नहीं होने के बावजूद वहां उसके टर्मिनलों का उपयोग हुआ।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संवेदनशील स्थिति या भू-राजनीतिक तनाव के दौरान यदि स्थानीय प्रशासन इंटरनेट सेवाओं पर नियंत्रण चाहता है और वह प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाता, तो इससे कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
विदेशी नियंत्रण पर भी उठे सवाल
रिपोर्टों के अनुसार एजेंसियों को यह भी चिंता है कि स्टारलिंक का संचालन और नियंत्रण अमेरिका स्थित कंपनी के हाथों में है। ऐसे में आपातकालीन परिस्थितियों में सेवा के नियमन और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हो सकते हैं।
भारत सरकार लंबे समय से डिजिटल संप्रभुता, डेटा सुरक्षा और संचार नेटवर्क की विश्वसनीयता को प्राथमिकता देती रही है। इसी वजह से सैटेलाइट आधारित संचार सेवाओं के लिए मंजूरी प्रक्रिया बेहद सख्त रखी गई है।
चीन के बाद भारत में भी विस्तार पर असर
स्टारलिंक को पहले से ही चीन जैसे बड़े बाजार में प्रवेश नहीं मिल पाया है। अब भारत में मंजूरी प्रक्रिया रुकने से कंपनी की वैश्विक विस्तार योजनाओं को एक और झटका लग सकता है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट और दूरसंचार बाजारों में से एक है। ऐसे में यहां परिचालन मंजूरी न मिलना स्टारलिंक के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय को लेकर सरकार या कंपनी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही भारत में स्टारलिंक के भविष्य पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।