सफदरजंग अस्पताल से सोनम वांगचुक का संदेश, खुद को बताया ‘अवैध हिरासत’ में; संसद मार्च का किया आह्वान

सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने खुद को ‘अवैध हिरासत’ में बताते हुए 20 जुलाई के संसद मार्च का आह्वान किया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है जबकि पत्नी ने मेडिकल रिपोर्ट को लेकर सवाल उठाए हैं।;

Update: 2026-07-19 05:52 GMT
नई दिल्ली। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अस्पताल से एक संदेश जारी करते हुए खुद को 'अवैध हिरासत' में बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की। वांगचुक ने अपने संदेश में लिखा कि यह आंदोलन 'भय मुक्त भारत और अन्याय मुक्त भारत' के संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा। उनका यह संदेश उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो के माध्यम से साझा किया गया।

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए शनिवार को उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

संसद मार्च का दोहराया आह्वान

वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों से न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संसद तक मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने लोगों से इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि अन्याय और भय के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।

हालांकि, प्रशासन की ओर से उनकी हिरासत को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दिल्ली पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि उन्हें चिकित्सकीय सलाह और अदालत के निर्देशों के अनुरूप अस्पताल ले जाया गया।

डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा उपचार

सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार सोनम वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उनका रक्तचाप और ऑक्सीजन स्तर सामान्य पाया गया है, लेकिन लंबे समय तक उपवास के कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के संकेत मिले हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचाने के लिए चिकित्सकीय निगरानी आवश्यक है। अस्पताल की मेडिकल टीम के साथ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के विशेषज्ञ चिकित्सक भी उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत

चिकित्सकों के अनुसार, वांगचुक को शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी दूर करने के लिए चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता है। मेडिकल टीम लगातार उनकी जांच कर रही है और स्वास्थ्य मानकों की निगरानी की जा रही है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार इलाज किया जाएगा।

पत्नी ने मेडिकल रिपोर्ट पर उठाए सवाल

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने दावा किया कि सोनम वांगचुक पूरी तरह सचेत हैं और अस्पताल में भी उनका अनशन जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद अस्पताल प्रशासन मेडिकल रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध नहीं करा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगा और यदि स्वास्थ्य अनुमति देगा तो सोनम वांगचुक भी इसमें शामिल होने का प्रयास करेंगे।

28 जून से जारी है भूख हड़ताल

सोनम वांगचुक ने 28 जून को कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में शामिल होकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। चिकित्सकों के अनुसार लंबे उपवास के चलते उनका वजन काफी कम हुआ है, जिसके बाद उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। इस बीच उनके समर्थन और विरोध में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी जारी है।

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