मध्य प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई पर भड़के शिवराज सिंह चौहान, बोले- अन्याय की अति है
मध्य प्रदेश के कोसमी गांव में कथित बुलडोजर कार्रवाई पर शिवराज सिंह चौहान भड़क गए। उन्होंने आदिवासी परिवारों के घर और फसलें उजाड़ने का आरोप लगाकर सख्त कार्रवाई की मांग की।;
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े कोसमी गांव में हुई कथित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बेहद नाराज नजर आए। उन्होंने वन विभाग और जिला प्रशासन पर गरीब आदिवासी परिवारों के घर गिराने, फसलें नष्ट करने और कुएं मिट्टी से भरने के आरोप लगाए। मौके पर पहुंचे चौहान ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बच्चों की चीखें और महिलाओं का दर्द देख भड़के शिवराज
कोसमी गांव पहुंचने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई को लेकर कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि सुबह तक जिन घरों में बच्चों की आवाजें गूंज रही थीं, वहां अब चीख-पुकार का माहौल है। उनके मुताबिक, कई परिवारों के मकान गिराए गए और घरों के नीचे उनकी फसलें दब गईं।
चौहान ने कहा कि परिवारों की वर्षों की मेहनत और आजीविका को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कार्रवाई को “जुल्म की पराकाष्ठा” और “अन्याय की इंतहा” बताते हुए कहा कि पीड़ितों को हर संभव न्याय दिलाने की कोशिश की जाएगी।
मुख्य सचिव से फोन पर की शिकायत
शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने घटनास्थल से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर मामले की जानकारी दी और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी फोन पर बातचीत की।
चौहान ने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने भी पूरा मामला रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन परिवारों के घर टूटे हैं, उनके लिए नए घर बनवाने की कोशिश की जाएगी। जब तक स्थायी आवास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक प्रभावित परिवारों के रहने और भोजन की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी कही गई।
प्रशासनिक अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर भी सवाल
केंद्रीय मंत्री ने मौके पर वन विभाग और प्रशासन के किसी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कार्रवाई से केवल लोगों के मकान ही प्रभावित नहीं हुए, बल्कि उनकी रोजी-रोटी पर भी सीधा असर पड़ा है।
चौहान ने सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में किसी गरीब परिवार के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
कांग्रेस ने साधा निशाना, बताया भाजपा की अंदरूनी खींचतान
मामले को लेकर कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच कथित खींचतान का खामियाजा गरीब आदिवासी परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
सिंघार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कार्रवाई का वीडियो साझा करते हुए इसे आदिवासी परिवारों को उजाड़ने वाला कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोसमी गांव में बरेला आदिवासी समुदाय के परिवारों की फसलें नष्ट की गईं और मकान तोड़े गए।
हालांकि, कार्रवाई के पीछे प्रशासन और वन विभाग की ओर से बताए गए कानूनी आधार तथा पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक विस्तृत पक्ष का इंतजार है। फिलहाल मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है और शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों की मदद का भरोसा दिया है।