पाकिस्तान की घोर बेइज्जती, जर्मनी में आसिम मुनीर से मांगा पहचान पत्र; कार्यक्रम से पहले रोका
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) आसिम मुनीर को एक कार्यक्रम में दाखिल होने से पहला रोका और उनसे उनका पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा।
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंच करके इतराने वाले पाकिस्तान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की घोर बेइज्जती हुई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आसिम मुनीर जर्मनी गए हैं, जहां उनको एक कार्यक्रम से पहले रुकावट का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं वहां मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने उनसे उनका पहचान पत्र भी दिखाने के लिए कहा।
ID कार्ड को लेकर रोका, Video वायरल
दरअसल, आसिम मुनीर और उनकी टीम म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गई। जिससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। जिसमें एक सुरक्षा अधिकारी ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख से अपना पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा। यह वाक्या सम्मेलन के प्रवेश द्वार से कुछ ही कदम पहले हुई।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे आसिम मुनीर जब सुरक्षा सम्मेलन में शामिल होन के लिए दाखिल हो रहे हैं तो उनको आईडी कार्ड दिखाने के लिए कहा गया। साथ ही अपना पहचान पत्र सामने की तरफ सीधा रखने की भी नसीहत दी।
UPDATE!!
— HTN World (@htnworld) February 14, 2026
Field Marshal Army Chief Asim Munir arrives for Munich Security Conference in Germany pic.twitter.com/v4PQpW4z77
मुनीर के शामिल होने पर कड़ी आपत्ति
इधर, जर्मनी स्थित सिंधी राजनीतिक संगठन जय सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में फील्ड मार्शल मुनीर की भागीदारी पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने निमंत्रण को 'बेहद खेदजनक' बताते हुए अंतरराष्ट्रीय हितधारकों से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया है।
इसी के साथ जेएसएमएम के सदस्यों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन को उजागर किया। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, जर्मन सरकार और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों को संबोधित एक औपचारिक बयान में जेएसएमएम के अध्यक्ष शफी बुरफत ने उच्च स्तरीय वैश्विक मंच पर फील्ड मार्शल मुनीर की उपस्थिति पर गहरा सदमा और अफसोस जताया।
बता दें कि म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन, जिसे संवाद और संघर्ष समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर व्यापक रूप से माना जाता है। यह हर साल विश्न के नेताओं, राजनयिकों और सुरक्षा विशेषज्ञों को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक साथ लाता है।