जेल से रिहा होते ही सौरभ दास और आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच का नोटिस, आज होगी पूछताछ

CJP नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका को जमानत पर रिहा होने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए बुलाया है। जंतर-मंतर प्रदर्शन, शांति बॉन्ड उल्लंघन और कथित साजिश को लेकर जांच जारी है।;

Update: 2026-10-22 06:01 GMT

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका की कानूनी मुश्किलें जमानत मिलने के बाद भी खत्म नहीं हुई हैं। बुधवार को जेल से रिहा हुए दोनों नेताओं को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए तलब किया है। पुलिस ने उन्हें गुरुवार दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच के कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 8:30 बजे जब दोनों नेता तिहाड़ जेल से बाहर निकल रहे थे, उसी दौरान पुलिस टीम ने उन्हें नोटिस सौंपा। ऐसे में जमानत मिलने के कुछ ही समय बाद दोनों को एक बार फिर पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश मिल गया।

अदालत से मिली थी जमानत

बुधवार को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत ने सौरभ दास और आशुतोष रांका को राहत देते हुए दिल्ली पुलिस की हिरासत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी थी। अदालत के फैसले के बाद दोनों नेताओं की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।

हालांकि, जमानत मिलने का मतलब मामले की जांच समाप्त होना नहीं है। क्राइम ब्रांच ने अब दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस इस मामले से जुड़े तथ्यों और दोनों नेताओं की भूमिका की जांच कर रही है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और शांति बॉन्ड उल्लंघन का मामला

यह मामला 13 और 14 अक्टूबर को हुए घटनाक्रम से जुड़ा है। आरोप है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका बिना अनुमति जंतर-मंतर के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस का दावा है कि दोनों नेताओं ने पहले से भरे गए शांति बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया।

इस मामले में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों नेताओं को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

क्राइम ब्रांच को क्यों सौंपी गई जांच?

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त ने दोनों एफआईआर की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पुलिस को प्रदर्शन के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका है। साथ ही, दोनों नेताओं के शुरुआती बयानों में कथित विरोधाभास की भी जांच की जा रही है।

गुरुवार को होने वाली पूछताछ में पुलिस प्रदर्शन की परिस्थितियों, शांति बॉन्ड की शर्तों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर सवाल कर सकती है। फिलहाल दोनों नेताओं को नोटिस जारी किया गया है और जांच आगे बढ़ने के साथ मामले की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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