रूस-यूक्रेन के बीच लागू हुआ एनर्जी सीजफायर, ट्रंप का बड़ा दावा; जेलेंस्की ने रखी 60 दिन की शर्त
रूस-यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर लागू होने का ट्रंप ने दावा किया है। वहीं जेलेंस्की ने चुनाव के लिए रूस से 60 दिन के पूर्ण युद्धविराम की मांग की है।;
नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों ने एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे यानी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकने पर सहमति जताई है। उन्होंने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि तत्काल प्रभाव से रूस और यूक्रेन के बीच ‘एनर्जी सीजफायर’ लागू हो गया है। हालांकि, ट्रंप ने इस समझौते की अवधि और शर्तों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
ट्रंप ने कहा- सीजफायर न तोड़ें
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संक्षिप्त संदेश में दावा किया कि रूस और यूक्रेन दोनों ऊर्जा क्षेत्र में हमले रोकने पर सहमत हैं। उन्होंने दोनों पक्षों से इस समझौते का पालन करने की अपील की। ट्रंप के बयान से यह संकेत मिलता है कि ऊर्जा संयंत्रों, रिफाइनरियों और अन्य महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले हमलों को रोकने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, इस कथित एनर्जी सीजफायर के क्रियान्वयन की निगरानी कैसे होगी और इसका दायरा कितना व्यापक है, इस पर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
जेलेंस्की ने ट्रंप की मांग ठुकराई
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। ट्रंप ने हाल में यूक्रेनी राष्ट्रपति के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए सुझाव दिया था कि यूक्रेन को ऐसा नेता चुनना चाहिए जो युद्ध समाप्त करा सके।
जेलेंस्की ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि यूक्रेन का नेता कौन होगा, यह फैसला वहां की जनता और समाज को करना है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के नेता को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि यूक्रेन का राष्ट्रपति कौन होना चाहिए।
60 दिन के युद्धविराम पर चुनाव कराने को तैयार यूक्रेन
जेलेंस्की ने हालांकि चुनाव को लेकर एक अहम प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यदि रूस 60 दिनों यानी दो महीने का पूर्ण युद्धविराम स्वीकार कर लेता है तो यूक्रेन चुनाव कराने के लिए तैयार हो सकता है।
जेलेंस्की के मुताबिक, उन्होंने ट्रंप की टीम से कहा है कि यदि अमेरिका वास्तव में यूक्रेन में चुनाव चाहता है तो वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से 60 दिनों के पूर्ण युद्धविराम के लिए कहे। रूस के 2022 के हमले के बाद यूक्रेन में राष्ट्रीय चुनाव नहीं हुए हैं।
रूसी तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों से बढ़ा तनाव
ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया जब ट्रंप ने यूक्रेन के रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों की आलोचना की। ट्रंप का तर्क है कि ऐसे हमलों से ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए रूसी डीजल पर प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर रहे हैं। ऐसे में रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा बाजार और अमेरिकी घरेलू राजनीति के बीच संबंध और महत्वपूर्ण हो गया है।