राम मंदिर चढ़ावा चोरी में बड़े खुलासे, 67 लोगों का जिक्र, सीसीटीवी में कई बार रकम हटाने का दावा; बाथरूम से मिले 2.25 लाख

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की चार्जशीट में 67 लोगों के शामिल होने का जिक्र है। CCTV में कई बार रकम हटाने का दावा और बाथरूम से 2.25 लाख रुपये बरामद होने की बात सामने आई है।;

Update: 2026-09-26 04:37 GMT

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान कथित चोरी का मामला जांच आगे बढ़ने के साथ और विस्तृत होता जा रहा है। चार्जशीट में दर्ज बयानों और पुलिस की जांच के मुताबिक, गणना कक्ष में कई दिनों से रकम हटाए जाने की बात सामने आई थी। इसी दौरान निगरानी बढ़ाई गई और चेकिंग शुरू होने पर गणना कक्ष के बाथरूम से 2.25 लाख रुपये बरामद किए गए।

चार्जशीट के अनुसार, गणना कक्ष में चोरी की जानकारी तत्कालीन महासचिव चंपत राय तक वीडियो और लिखित संदेश के जरिए पहुंची थी। बयान में कहा गया है कि 4 जून को दिल्ली से अयोध्या आते समय आनंद कुमार चौधरी ने चंपत राय को व्हाट्सऐप पर बाथरूम से बरामद रकम का वीडियो भेजा था। संदेश में कुछ लड़कों के कई दिनों से कथित तौर पर चोरी करने और 67 लोगों के शामिल होने की बात बताई गई थी। हालांकि, चार्जशीट के इस हिस्से में 67 की संख्या के आधार का विस्तृत उल्लेख नहीं है।

पहले चार गणना कर्मियों पर जताया गया था शक

चार्जशीट में गणना कर्मी मदन गोपाल निगम के बयान का भी जिक्र है। उसके मुताबिक, 3 जून को दूसरी पाली में कैश काउंटिंग के दौरान करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि और अनुकल्प मिश्रा पर शक हुआ था। आरोप है कि उसने इन लोगों को नोटों की गड्डियां उठाकर मेज के नीचे या कमर में छिपाते देखा था।

मदन गोपाल के अनुसार, उसने इसकी जानकारी अन्य गणना कर्मियों को दी। इसके बाद 4 जून को संबंधित कर्मचारियों पर निगरानी रखी गई। इसी दौरान अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को कथित तौर पर नोटों की गड्डी उठाते देखे जाने की बात चार्जशीट में दर्ज है।

चेकिंग शुरू होते ही बाथरूम में छिपाई रकम

चार्जशीट के मुताबिक, अविनाश को नोटों की गड्डी उठाते देखे जाने के बाद ट्रस्ट की ओर से मौजूद विनय श्रीवास्तव और SBI कर्मचारी सत्य प्रकाश को जानकारी दी गई। इसके बाद गणना कक्ष के गेट पर चेकिंग शुरू कराई गई।

पुलिस के अनुसार, चेकिंग की जानकारी मिलने के बाद कथित तौर पर रकम बाथरूम में छिपाई गई। तलाशी के दौरान वहां से 2.25 लाख रुपये बरामद हुए, जिन्हें विनय श्रीवास्तव ने बॉक्स में सुरक्षित रखवाया।

सीसीटीवी में कई बार रकम हटाने का दावा

चार्जशीट के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज की जांच में अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को कथित तौर पर 85 बार चढ़ावे की रकम हटाते और चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते देखा गया। करुणेश पांडेय के बारे में दो बार रकम हटाने और 68 बार सह-अभियुक्तों की मदद करने का दावा किया गया है।

इसी तरह मनीष यादव के 16 बार रकम अपने पास रखने और 19 बार अन्य लोगों की मदद करने, लवकुश मिश्रा के एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने तथा अनुकल्प मिश्रा के 56 बार अन्य सह-अभियुक्तों की मदद करने का उल्लेख है। आरोपियों की कथित चैट में कैश के बंडलों का जिक्र भी सामने आने की बात कही गई है।

700 बैंक खातों की हुई जांच

जांच के दौरान पुलिस ने करीब 700 बैंक खातों की पड़ताल की। इनमें ट्रस्टियों, आरोपितों, संदिग्धों, गणना कर्मियों और ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारियों के खाते शामिल थे। ट्रस्ट के बैंक खातों के लेनदेन की भी जांच की गई। चार्जशीट के मुताबिक, इस पड़ताल में चंपत राय के नाम कोई निजी बैंक खाता नहीं मिला।

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