राज्यसभा चुनाव: बिहार-ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर वोटिंग आज, बिहार में कौन मारेगा बाजी?
बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 राज्यसभा सीटों पर आज मतदान होगा। बिहार में एआईएमआईएम के रुख ने महागठबंधन की रणनीति को उलझाया, जबकि हरियाणा और ओडिशा में भी सियासी मुकाबला तेज हो गया है।
नई दिल्ली। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए जारी चुनावी प्रक्रिया आज अपने अंतिम चरण में है। 37 में से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जिनमें शरद पवार और रामदास अठावले जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। अब सारा ध्यान उन 11 सीटों पर है जहा उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध सीटों से अधिक होने के कारण आज वोटिंग हो रही है। चार बजे नतीजे घोषित किए जाएंगे।
जिन सीटों पर वोटिंग हो रही है उनमें बिहार (5 सीटें), ओडिशा (4 सीटें) और हरियाणा (2 सीटें) शामिल हैं। बिहार की 5 सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (JDU), केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर (JDU), बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, और शिवेश कुमार (BJP) की जीत लगभग तय मानी जा रही है। पांचवी सीट के लिए एनडीए समर्थित उपेंद्र कुशवाहा (RLM) और आरजेडी के अमरेंद्र धारी सिंह के बीच सीधी टक्कर है। ओडिशा में भी 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवार हैं। वहीं हरियाणा में 2 सीटों के लिए 3 उम्मीदवार मैदान में हैं।
बिहार, ओडिशा और हरियाणा की राज्यसभा की 11 सीटों पर सोमवार को होने वाले मतदान से पहले सियासी हलचल तेज है। खास तौर पर बिहार में एआईएमआईएम के रुख ने विपक्षी महागठबंधन को उलझा दिया है। यहां आईआईपी और कुछ कांग्रेस विधायकों के भी राजग के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट करने के संकेत हैं। इसके अलावा ओडिशा और हरियाणा में हॉर्स ट्रेडिंग के भय से सभी पक्ष अपने अपने विधायकों को सुरक्षित जगहों पर लेकर चले गए हैं।
बिहार में पांचवीं सीट के लिए मुकाबला
बिहार में मुकाबला पांचवीं सीट के लिए भाजपा के शिवेश राम और राजद के एडी सिंह के बीच है। इस सीट पर जीत के लिए विपक्षी महागठबंधन को अपने 35 विधायकों को एकजुट रखते हुए एआईएमआईएम के पांच और बसपा के एक विधायक के समर्थन की अनिवार्य जरूरत है। राजग को तीन अतिरिक्त मतों की जरूरत है।
शनिवार को एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमाम और राजद के मुखिया तेजस्वी यादव के बीच हुई मुलाकात में कोई फैसला नहीं हो सका। राजग सूत्रों का कहना है कि एआईएमआईएम या तो उपेंद्र कुशवाहा को समर्थन करने का या मतदान से दूर रहने का निर्णय ले सकती है। आईआईपी और बसपा के विधायक का भी राजग को समर्थन मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा कांग्रेस के कुछ विधायक नाराज हैं। ऐसे में पांचवीं सीट पर भी राजग की जीत के संकेत मिल रहे हैं।
हरियाणा में दूसरी सीट पर खींचतान
हरियाणा में जिन दो सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें एक सीट पर भाजपा की जीत निश्चित है। हालांकि अगर यहां कांग्रेस एकजुट रही तो उसे दूसरी सीट पर जीत मिल सकती है। मुश्किल यह है कि कांग्रेस नेतृत्व द्वारा यहां वरिष्ठ नेताओं को नाराज कर कर्मवीर बौद्ध को उम्मीदवार बनाने के बाद भाजपा ने निर्दलीय सतीश नांदल को समर्थन दिया है। भाजपा के रणनीतिकारों को लगता है कि कांग्रेस के कुछ नाराज विधायक मतदान के दौरान पाला बदल सकते हैं।
भाजपा का आरोप-बीजद के उम्मीदवार ने चुनावी हलफनामे में छिपाई जानकारी
ओडिशा में सत्तारूढ़ भाजपा ने बीजद के राज्यसभा उम्मीदवार संतृप्त मिश्रा पर चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने कहा कि मिश्रा ने अपने हलफनामे में बीजू नवीन इंस्पिरेशनल फाउंडेशन से अपने संबंध का खुलासा नहीं किया है। बिस्वाल के अनुसार, मिश्रा इस फाउंडेशन में सचिव के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन इसका उल्लेख चुनावी दस्तावेज में नहीं किया गया।