SCO बैठक में राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश, आतंकवाद और चीन की कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर उठाए सवाल

दुशांबे में SCO बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड खत्म करने और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर जोर दिया। ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा को भी बताया अहम चुनौती।;

Update: 2026-10-20 10:22 GMT
दुशांबे। ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद आज भी सबसे गंभीर खतरों में शामिल है और इससे निपटने में किसी तरह का दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए। उनके संबोधन के समय पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार भी मौजूद थे। राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को समर्थन देने, उसे वित्तीय मदद पहुंचाने और सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया।

‘आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करना होगा’

राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद केवल निर्दोष लोगों की जान नहीं लेता, बल्कि निवेश को नुकसान पहुंचाता है, समाज में कट्टरपंथ बढ़ाता है और लोगों को विकास के अवसरों से वंचित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद से मुकाबले में चयनात्मक रवैया नहीं होना चाहिए।

रक्षा मंत्री के मुताबिक, आतंकवाद को वित्तपोषित करने और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क को समाप्त करना जरूरी है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा पार आतंकवाद दक्षिण एशिया की कूटनीति के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।

चीन की कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर भी उठाया मुद्दा

बैठक में राजनाथ सिंह ने क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाओं के साथ देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के संदर्भ में भारत की आपत्तियों को देखते हुए यह संदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह गलियारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है, जिस पर भारत अपना दावा करता है।

उन्होंने कनेक्टिविटी के लिए ईरान के चाबहार बंदरगाह के महत्व को भी रेखांकित किया। भारत लंबे समय से चाबहार को क्षेत्रीय व्यापार और मध्य एशिया तक पहुंच के एक अहम मार्ग के रूप में देखता रहा है।

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