पीएम मोदी के स्कूल मित्र असगर अली को जमीन विवाद में बड़ी राहत, भाजपा विधायक ने छोड़ा कब्जा

पीएम मोदी के स्कूल मित्र 81 वर्षीय असगर अली वोरा को भायंदर जमीन विवाद में राहत मिली है। BJP विधायक नरेंद्र मेहता ने कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति सरेंडर करने की बात कही।;

Update: 2026-09-16 02:23 GMT
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कुछ दिनों बाद 81 वर्षीय असगर अली वोरा को जमीन विवाद में बड़ी राहत मिली है। मीरा रोड निवासी वोरा लंबे समय से भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में स्थित अपनी जमीन को लेकर विवाद का सामना कर रहे थे। उनका आरोप था कि उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है और मामला भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की निर्माण कंपनी से जुड़ा हुआ है। अब नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और उस पर मिली निर्माण अनुमति वापस करने की बात कही है।

इसके साथ ही विधायक ने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले दर्ज कराई गई शिकायत वापस लेने की जानकारी भी दी है। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात कही गई है।

पीएम मोदी से 8 सितंबर को हुई थी मुलाकात

असगर अली वोरा ने 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों की मुलाकात का एक खास संबंध भी है। असगर अली वोरा और नरेंद्र मोदी गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में साथ पढ़े हैं।

मुलाकात के दौरान वोरा ने प्रधानमंत्री के सामने भायंदर ईस्ट के नवघर स्थित अपनी जमीन से जुड़े विवाद का मुद्दा उठाया था। उन्होंने मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए बताया था कि उन्होंने वर्ष 1989 में करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी।

वोरा के अनुसार, वर्ष 2011 में स्वयम् बिल्डर्स और मेहता की सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस से जुड़े लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया था। उनका कहना था कि वह करीब 15 वर्षों से अलग-अलग सरकारी विभागों और अधिकारियों के सामने मामले को उठाते रहे हैं। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात कही थी।

मंत्रालय में हुई अहम बैठक

मामला प्रधानमंत्री के सामने पहुंचने के बाद सरकारी स्तर पर भी इसे लेकर बैठक हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को महाराष्ट्र मंत्रालय में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी की अध्यक्षता में बैठक हुई।

बैठक में असगर अली वोरा और नरेंद्र मेहता के अलावा मीरा-भायंदर नगर निगम के आयुक्त राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान विवाद से जुड़े दस्तावेजों और जमीन के मुद्दे पर चर्चा की गई।

मेहता ने निर्माण अनुमति सरेंडर करने की बात कही

बैठक के दौरान नरेंद्र मेहता ने टाउन प्लानिंग विभाग को एक पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और प्लॉट के लिए मिली निर्माण अनुमति सरेंडर करने की बात कही।

मेहता ने पत्र में कहा कि उन्होंने यह जमीन वर्ष 2019 में मर्विन फर्नांडिस से खरीदी थी। वहीं, पुलिस कमिश्नर को लिखे एक अलग पत्र में उन्होंने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने की जानकारी दी।

विधायक के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। इस घटनाक्रम के बाद लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद में असगर अली वोरा को राहत मिलने की स्थिति बनी है। अब संबंधित सरकारी विभाग जमीन और निर्माण अनुमति से जुड़े रिकॉर्ड के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

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