पीएम मोदी ने बताई अपनी ताकत, बोले- लोगों का आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ऊर्जा

पीएम मोदी ने कहा कि लोगों का आशीर्वाद उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी ऊर्जा रहा है। उन्होंने राजनीति और चुनाव से अलग राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत पर जोर दिया।;

Update: 2026-09-24 07:03 GMT

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि लोगों से मिलने वाला आशीर्वाद उनके सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी ऊर्जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी लोगों के इसी आशीर्वाद के सहारे आगे बढ़ी है। पीएम मोदी ने यह बात गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकाली जा रही ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद के दौरान कही। कार्यक्रम में यात्रा से जुड़े प्रतिभागी मध्य प्रदेश के देवास में मौजूद थे।

यह संवाद ऐसे समय हुआ है जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार राजनीतिक सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने 23 सितंबर को कहा था कि SIR समेत उसके फैसले पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय हैं।

‘लोगों का आशीर्वाद ही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी ऊर्जा’

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सेवा भाव से किए गए कामों को लोग लंबे समय तक याद रखते हैं और सेवा करने वालों को जनता का आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने कहा कि उनके लिए भी लोगों का आशीर्वाद सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी ताकत रहा है।

मोदी ने ‘सेवा यात्रियों’ से लोगों की सेवा को अपना मुख्य उद्देश्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सत्ता कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाए, राजनीति और शासन का मूल भाव सेवा से जुड़ा रहना चाहिए।

सेवा को शासन व्यवस्था का आधार बताया

पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात से दिल्ली तक सेवा उनकी शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है। उन्होंने ‘नागरिक देवो भव’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब शासन के केंद्र में सेवा होती है, तो नीतियों के केंद्र में नागरिक होते हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक पद या सत्ता का स्तर चाहे जितना ऊंचा हो, सेवा के रास्ते से विचलित नहीं होना चाहिए। ‘सेवा संकल्प’ से जुड़े कार्यक्रमों में भी सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण पर जोर दिया जा रहा है।

‘राजनीति और चुनाव अपनी जगह, राष्ट्र निर्माण हमारा लक्ष्य’

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीति अपनी जगह है, चुनाव अपनी जगह और शासन व्यवस्था अपनी जगह, लेकिन उनका लक्ष्य राष्ट्र निर्माण है। उन्होंने युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की बड़ी भूमिका होगी।

मोदी के मुताबिक, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश भी दिया।

मोदी के 76वें जन्मदिन से जुड़ा सेवा अभियान

‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जुड़ा है। विभिन्न राज्यों में इसके तहत सेवा, जनभागीदारी और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान को 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाने की जानकारी भी आधिकारिक स्तर पर दी गई है।

प्रधानमंत्री के ताजा संबोधन में चुनावी राजनीति के बीच सेवा, जनभागीदारी और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को केंद्र में रखा गया। वहीं, चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप अलग से जारी हैं।

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